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पिछड़ों और दलितों के साथ नहीं होने देगें अन्याय: उपमुख्यमंत्री

Keshav Maurya

Keshav Maurya

लखनऊ। आज विधान परिषद में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने सरकारी भर्तियों में आरक्षण के विषय पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है।

उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य (Keshav Maurya) ने सदन को अवगत कराया कि दिनांक 30-12-2025 को प्रदेश के समस्त विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी भर्तियों में आरक्षण संबंधी नियमों का शत-प्रतिशत पालन के निर्देश जारी किये गये हैं। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने (Keshav Maurya) कहा कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार पारदर्शी, निष्पक्ष और नियम सम्मत भर्ती प्रणाली के माध्यम से युवाओं को समान अवसर देने के लिए संकल्पित है।

श्री मौर्य (Keshav Maurya) ने विपक्ष, विशेषकर सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज आरक्षण के नाम पर घड़ियाली आँसू बहा रहे हैं, उनके शासनकाल में पिछड़ों और दलितों का हक छीनकर केवल एक खास वर्ग और परिवार को लाभ पहुँचाया जाता था। उन्होंने कहा:

• विपक्ष का इतिहास नियुक्तियों में धांधली और भ्रष्टाचार से भरा रहा है, जहाँ योग्यता और सामाजिक न्याय को दरकिनार कर ‘पर्ची-खर्ची’ का बोलबाला था।
• संवैधानिक मर्यादा: वर्तमान सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक आरक्षण के प्रावधानों का अक्षरश: पालन कर रही है।
• “विपक्ष हार की हताशा में युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। जनता उनके ‘आरक्षण विरोधी’ चेहरे को पहचान चुकी है।
• हम पिछड़ों और दलितों के हक के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनके अधिकारों पर कोई आंच नहीं आने देंगे।”

उन्होंने (Keshav Maurya) भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्तर पर निगरानी रख रही है, ताकि भर्ती प्रक्रियाएं संविधान और कानून के अनुरूप पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हों।

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