देहरादून। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता अब सिर्फ फिल्मों की लोकेशन तक सीमित नहीं रह गई है। राज्य में लागू फिल्म नीति और शूटिंग के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का असर फिल्म निर्माण से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 में 19 सितंबर 2026 तक उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग पर 1,759.62 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2022-23 में फिल्म शूटिंग पर 379.75 करोड़ रुपये, 2023-24 में 332.01 करोड़ रुपये, 2024-25 में 531.62 करोड़ रुपये और 2025-26 में 420.72 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 19 सितंबर 2026 तक 95.52 करोड़ रुपये का शूटिंग निवेश दर्ज किया गया है।
फिल्म नीति-2024 से बढ़ी संभावनाएं
उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से फिल्म नीति-2024 लागू की गई है। इस नीति में फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ सिंगल विंडो व्यवस्था, विभिन्न प्रोत्साहन और अनुदान, फिल्म पुरस्कार, प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्ति तथा पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।
नीति का उद्देश्य केवल प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि उत्तराखंड को फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के व्यापक केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके तहत स्थानीय प्रतिभाओं और तकनीकी विशेषज्ञों को भी फिल्म उद्योग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
पांच साल में 52 फिल्मों को मिला अनुदान
फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए पात्र फिल्मों को सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 52 फिल्मों को अनुदान प्रदान किया गया। इनमें हिंदी फिल्मों के अलावा गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और उत्तराखंड की अन्य भाषाओं में बनी फिल्में भी शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया। इससे क्षेत्रीय भाषाओं और स्थानीय कहानियों पर आधारित फिल्म निर्माण को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और एनओसी गतिविधियां
प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों के विस्तार का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक उत्तराखंड में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और एनओसी से संबंधित गतिविधियां दर्ज की गई हैं।
राज्य के पर्वतीय परिदृश्य, नदियां, झीलें, जंगल, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल और ग्रामीण परिवेश फिल्म निर्माताओं के लिए अलग-अलग तरह की लोकेशन उपलब्ध कराते हैं। इसके चलते उत्तराखंड में फीचर फिल्मों के साथ वेब सीरीज और अन्य ऑडियो-विजुअल प्रोडक्शन की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
पहली बार आयोजित हो रहे उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार
फिल्म क्षेत्र में रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड में पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश में निर्मित या फिल्मांकित फिल्मों के साथ स्थानीय बोलियों और भारतीय भाषाओं की फिल्मों से जुड़े कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के साथ स्थानीय कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को पहचान और अवसर उपलब्ध कराना है।
शूटिंग से स्थानीय कारोबार को मिल रहा लाभ
फिल्म निर्माण का असर केवल फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं रहता। शूटिंग के लिए आने वाली टीमों के कारण स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ती है।
फिल्म यूनिट के ठहरने से होटल एवं होम-स्टे कारोबार को लाभ मिलता है। कलाकारों और तकनीकी टीमों के लिए स्थानीय वाहनों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा स्पॉट बॉय, तकनीकी स्टाफ, गाइड, कैटरिंग और अन्य सेवाओं में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं।
स्थानीय कलाकारों के लिए भी फिल्मों और वेब सीरीज में काम करने के अवसर पैदा होते हैं। वहीं फिल्मों में दिखाई देने वाली उत्तराखंड की लोकेशन बाद में पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में भी विकसित हो सकती हैं।
शूटिंग डेस्टिनेशन से फिल्म निर्माण केंद्र की ओर
उत्तराखंड सरकार का फोकस अब राज्य को केवल प्राकृतिक लोकेशन उपलब्ध कराने वाले शूटिंग डेस्टिनेशन तक सीमित रखने के बजाय फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया से जोड़ने पर है। इसके लिए शूटिंग अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने, प्रोत्साहन उपलब्ध कराने और पोस्ट-प्रोडक्शन सहित अन्य सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक विविधता फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती है। सरकार का प्रयास है कि फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो।
फिल्म नीति-2024 के प्रावधानों, बढ़ते शूटिंग निवेश और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की पहलों के साथ उत्तराखंड फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी संभावनाओं को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वित्तीय वर्षवार फिल्म शूटिंग निवेश
|वित्तीय वर्ष |शूटिंग पर खर्च |
|——–|—————-:|
|2022-23 |₹379.75 करोड़ |
|2023-24 |₹332.01 करोड़ |
|2024-25 |₹531.62 करोड़ |
|2025-26 |₹420.72 करोड़ |
|2026-27*|₹95.52 करोड़ |
|**कुल** |**₹1,759.62 करोड़**|
*वित्तीय वर्ष 2026-27 में 19 सितंबर 2026 तक का आंकड़ा।

