लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राज्य में अत्याधुनिक डबल डेकर फूड ट्रकों (Double Decker Food Truck) के संचालन की शुरुआत करने जा रहा है।
यह अभिनव पहल पर्यटकों को केवल गुणवत्तापूर्ण खानपान ही नहीं, स्थानीय व्यंजनों, अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा अनुभव भी प्रदान करेगी। इससे उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को स्वाद, संस्कृति और तकनीक का ऐसा संगम मिलेगा, जो उनके सफर को और अधिक यादगार बनाएगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘डबल डेकर फूड ट्रक का संचालन उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (यूपीईटीडीबी) करेगा। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में इन अत्याधुनिक फूड ट्रकों को लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान और डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में संचालित करने की योजना है। इसके बाद पर्यटकों की जरूरत और मांग को देखते हुए इसका विस्तार प्रदेश के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक किया जाएगा। उनका कहना है कि यह पहल प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आगंतुकों को गुणवत्तापूर्ण खानपान की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराएगी।’
*’क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ से बढ़ा मान*
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘यूनेस्को द्वारा लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा मिलने के बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इसी सोच के अनुरूप फूड ट्रकों के मेन्यू में प्रदेश के स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ की अवधारणा के माध्यम से क्षेत्र विशेष के विशिष्ट व्यंजन को पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। हमारा प्रयास है कि पर्यटकों को कम समय में ताजा, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध हो, ताकि उत्तर प्रदेश का पर्यटन अनुभव स्वाद, संस्कृति और गुणवत्ता यादगार बन सके।
*निविदाएं आमंत्रित*
उ०प्र० ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा निजी सहभागिता से ‘डबल डेकर फूड ट्रक’ योजना के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 24 जुलाई 2026 शाम 06:00 बजे तक है। इच्छुक आवेदनकर्ता विशेष जानकारी के लिए upetdb@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।
वहीं, ई-टेंडर पोर्टल http://etender.up.nic.in पर निविदाएं ऑनलाइन आमंत्रित की गई हैं, जहां इच्छुक फर्म/एजेंसियां निर्धारित समय अवधि के भीतर आवेदन कर सकते हैं।
*डबल डेकर फूड ट्रक में क्या होगा खास?
योजना के तहत चयनित एजेंसी को डबल डेकर फूड ट्रक की डिजाइनिंग, संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी होगी। फूड ट्रक अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, ताकि यह पर्यटन का नया आकर्षण बन सके। यह पूरी तरह मोटर चालित, आधुनिक और सभी वैधानिक मानकों के अनुरूप होगा। वहीं, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और उ०प्र० इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड संचार के विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार में मदद करेगा। यह पहल लखनऊ की समृद्ध व्यंजन विरासत को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने के साथ स्थानीय खानपान संस्कृति को एक सशक्त मंच भी उपलब्ध कराएगी। *
पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी
बनाया जाएगा। सभी बिक्री केवल डिजिटल पीओएस प्रणाली के माध्यम से होगी। एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, यूपीआई एवं कार्ड भुगतान, क्यूआर कोड आधारित ग्राहक फीडबैक और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था अनिवार्य होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवा गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
*एआर-वीआर तकनीक से प्रदेश की विरासत का मिलेगा अनुभव*
डबल डेकर फूड ट्रक की संरचना भी इसे खास बनाएगी। इसकी छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे ऊर्जा की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। ट्रक का ऊपरी हिस्सा पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां एआर और वीआर तकनीक के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन स्थलों और जैव विविधता का डिजिटल अनुभव मिलेगा। बिना हेडफोन के इमर्सिव ऑडियो, एलईडी आधारित डिजिटल हेरिटेज गैलरी और आरामदायक ईको डाइनिंग लाउंज इसकी विशेषता होगी।
*डिजिटल मेन्यू सहित अन्य आकर्षण*
निचले हिस्से को पूरी तरह आधुनिक व्यावसायिक रसोई के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें ऊर्जा उपकरणों से सुसज्जित किचन, ऑर्डर सुविधा एवं पिकअप काउंटर, स्मार्ट स्टोरेज, स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जाएगा। ट्रक के बाहरी हिस्से पर बड़े एलईडी डिस्प्ले लगाया जाना प्रस्तावित है, जिन पर उत्तर प्रदेश पर्यटन के प्रचार, डिजिटल मेन्यू और जन जागरूकता संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण इस परियोजना की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। फूड ट्रक के निर्माण में टिकाऊ, अग्निरोधक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाएगा। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। खाद्य सामग्री की पैकेजिंग के लिए पत्तल, बांस, मिट्टी या अन्य बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया जाएगा। वहीं, जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज नीति लागू होगी। फूड ट्रक के चारों ओर 25 मीटर क्षेत्र को प्रतिदिन साफ रखा जाएगा। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए तेज संगीत पर भी रोक रहेगी।

