ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में उत्तर प्रदेश पुलिस के स्टॉल ने लगातार तीसरे वर्ष ‘बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड’ हासिल किया। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट के हॉल नंबर-4 में लगाए गए पुलिस स्टॉल पर ट्रेड शो के दौरान बड़ी संख्या में विजिटर्स पहुंचे और उन्होंने पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली, तकनीक आधारित सेवाओं तथा जनसुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। आयोजन के दौरान पुलिस स्टॉल पर साइबर अपराध से बचाव, यूपी 112, आधुनिक पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। ट्रेड शो के दौरान यूपी पुलिस के तकनीकी स्टॉल पर 15 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
लगातार तीसरी बार मिला बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड
यूपी पुलिस के स्टॉल को UPITS में यह सम्मान लगातार तीसरी बार मिला है। इससे पहले 2024 और 2025 में भी ट्रेड शो के दौरान यूपी पुलिस के स्टॉल को बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इस वर्ष भी स्टॉल की प्रस्तुति, प्रदर्शित तकनीक और पुलिस सेवाओं की जानकारी ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इस वर्ष प्रदान किया गया अवार्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने प्रदान किया। यूपी पुलिस की ओर से यह सम्मान पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम, मुख्यालय उत्तर प्रदेश राजेश कुमार यादव और प्रभारी मीडिया सेल, यूपी 112 करुणा शंकर सिंह ने ग्रहण किया।
साइबर अपराध से बचाव से लेकर आधुनिक पुलिसिंग तक की जानकारी
यूपी पुलिस के स्टॉल पर आम लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों और डिजिटल फ्रॉड से जुड़े खतरों के बारे में जागरूक किया गया। साइबर हेल्प डेस्क के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे मामलों को लेकर लोगों को जानकारी दी गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार स्टॉल पर डिजिटल फॉरेंसिक से जुड़ी तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया।
इसके अलावा यूपी 112 की सेवाओं और आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी प्रदर्शित किया गया। पुलिस के स्टॉल पर तकनीक के माध्यम से तत्काल सूचना उपलब्ध कराने, फील्ड मॉनिटरिंग और जनसुरक्षा को मजबूत करने वाली व्यवस्थाओं को भी दर्शाया गया।
ट्रैफिक सुरक्षा और निगरानी तकनीक भी प्रदर्शित
स्टॉल पर आधुनिक ट्रैफिक प्रवर्तन से जुड़े उपकरण भी आकर्षण का केंद्र रहे। स्पीड रडार गन, ब्रीथ एनालाइजर, बॉडी-वॉर्न कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल जैसी तकनीकों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार ब्रीथ एनालाइजर में कैमरा आधारित व्यवस्था के इस्तेमाल से जांच प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने और विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रदर्शित की गई।
इसके साथ ही निगरानी और यातायात प्रबंधन के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीक तथा Integrated Traffic Management System जैसी व्यवस्थाओं को भी प्रदर्शित किया गया। इसका उद्देश्य आम लोगों को यह समझाना रहा कि पुलिसिंग में तकनीक का इस्तेमाल केवल अपराध की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया में भी इसकी भूमिका बढ़ रही है।
युवाओं और बच्चों ने भी दिखाई रुचि
UPITS में आम लोगों के साथ युवाओं और बच्चों ने भी यूपी पुलिस के स्टॉल में रुचि दिखाई। विजिटर्स ने पुलिस के उपकरणों, तकनीकी सेवाओं और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था को करीब से देखा और पुलिस की बदलती कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की।
स्टॉल के माध्यम से पुलिस की वर्तमान तकनीक आधारित सेवाओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और बदलती पुलिस व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया। इस तरह स्टॉल ने पुलिस की पारंपरिक भूमिका के साथ आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया।
सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक की बढ़ती भूमिका का प्रदर्शन
UPITS-2026 में यूपी पुलिस का स्टॉल केवल पुलिस सेवाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को प्रदर्शित करने वाला मंच भी बना। साइबर अपराध की रोकथाम, आपातकालीन सहायता, ट्रैफिक प्रबंधन, निगरानी और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत किया गया।
लगातार तीसरी बार बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड मिलना इस स्टॉल की UPITS में निरंतर मौजूदगी और प्रस्तुति को रेखांकित करता है। वहीं ट्रेड शो के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पुलिस की तकनीक आधारित सेवाओं और जनसुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं के प्रति लोगों की रुचि को भी सामने रखा।

