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यूपी एसटीएफ ने अयोध्या से की धरपकड़

यूपी एसटीएफ ने अयोध्या से की धरपकड़

यूपी एसटीएफ ने अयोध्या से की धरपकड़

 यूपी एसटीएफ को उस समय बड़ी मिली जब अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र में छापा मारकर अवैध रूप से चल रही शराब फैक्ट्री का भडाफोड़ कर पांच शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है जिनके पास भारी मात्रा में अवैध शराब व शराब बनाने वाले उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार किये गये आरोपियों में अयोध्या निवासी पुष्कर जायसवाल, गोण्डा निवासी राकेश कुमार जायसवाल, सुनील जायसवाल, श्यामू यादव और रामू यादव हैं। इनके पास से 255 पेटी अवैध देशी शराब, (11,475 बोतल 200 एमएल), 44 ट्रम स्प्रिट, (9680 लीटर), 22 खाली स्प्रिट के ड्रम (220 लीटर), लगभग एक लाख विभिन्न ब्राण्ड के ढक्कन, 50,000 (लगभग) छोटी बोतलें, एल्कोहल मीटर, 7 बोतल, ओरेंज स्वीट, भारी मात्रा में क्यूआर कोड बण्डल, 65,000 रैपर (पावर हाउस ब्राण्ड 200 एमएल), 25,000 रैपर (वॉह ओरेंज ब्राण्ड 200 एमएल), 50,000 खाली गत्ता, 500 लीटर की 03 टंकी तैयार देशी शराब, 2 सेट आरओ प्लान्ट एक्वा साईन, जनरेटर, 5,500 रुपये नकद और ईको वैन बरामद हुई है।
पंचायत चुनाव में सतर्कता बरतने के थानाध्यक्ष ने दिये निर्देश
दरअसल, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव व त्योहारों के दृष्टिगत शासन के निर्देश पर अवैध शराब बनाने वाले व तस्करी करने वालों की धरपकड़ के लिए यूपी एसटीएफ की टीमें सुरागरसी में लगायी गयी हैं। इसी दौरान जानकारी मिली कि अयोध्या के थाना रौनाही क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सलारपुर मे अवैध शराब का निर्माण व भण्डारण किया जा रहा है, साथ ही साथ अयोध्या सहित निकटवर्ती जनपदों में आपूर्ति भी की जा रही है। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव व होली के त्यौहार पर इस अप-मिश्रित शराब को खपाने की बड़ी योजना भी है। इस सूचना पर ग्राम सलारपुर में बने एक गोदाम में छापा मारा गया तो अन्दर अवैध रूप से भारी मात्रा में निर्मित-अर्द्धनिर्मित शराब की बोतले पायी गयी, जिस पर मौजूद व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में पता चला कि यह गोमद पुष्कर जायसवाल का है। अभियुक्तों ने बताया कि पंचायत चुनाव व होली त्यौहार के अवसर पर पुष्कर जायसवाल द्वारा बरामद माल का निर्माण व भण्डारण काफी दिनों से कराया जा रहा है। स्प्रिट मे पानी, कलर व अन्य केमिकल मिलाकर शराब तैयार की जाती है, जिसे बोतलों में भरकर सिलिंग मशीन के माध्यम से ढक्कन को सील कर देते है व बोतलों के ऊपर मांग के अनुरूप विभिन्न ब्राण्ड के रैपर छिपका दिये जाते है। काम इतनी सफाई से किया जाता है कि सामान्यत: देखने वाले को असली शराब होने का आभास होता है। स्प्रिट व अन्य मिश्रण अंदाजे से मिलाये जाते है।
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