ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के युवाओं को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के दूसरे दिन देखने को मिली। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) के पवेलियन में ‘आओ करके सीखें’ थीम के तहत कौशल का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया गया, जहां दर्शक केवल हुनर को देखते ही नहीं, बल्कि खुद हाथ आजमाकर उसे सीखने का अनुभव भी ले रहे हैं।
यूपीएसडीएम पवेलियन में 16 अलग-अलग कौशलों के लाइव प्रदर्शन और सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, पवेलियन का प्रत्येक स्टॉल दर्शकों को कुछ नया सीखने और उसे स्वयं आजमाने का अवसर दे रहा है।
मिट्टी से कलाकृति तक, खुद करके सीख रहे दर्शक
पवेलियन में आयोजित लाइव प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर दर्शक मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। वहीं चिकनकारी स्टॉल पर लोग सुई-धागे के जरिए बारीक कारीगरी को समझने और खुद करने का प्रयास कर रहे हैं।
खास बात यह है कि यहां कौशल को केवल प्रदर्शन के रूप में पेश नहीं किया जा रहा, बल्कि ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ की अवधारणा के साथ लोगों को सीधे इससे जोड़ा जा रहा है। विभिन्न ‘डू इट योरसेल्फ’ गतिविधियों के माध्यम से बच्चों से लेकर युवाओं और अन्य आगंतुकों तक को अलग-अलग कौशलों का प्रत्यक्ष अनुभव मिल रहा है।
‘स्किल मंच’ पर युवाओं की प्रतिभा ने बांधा समां
यूपीआईटीएस-2026 के दूसरे दिन ‘स्किल मंच’ भी युवाओं की प्रतिभा का प्रमुख केंद्र बना रहा। यहां युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स समेत विभिन्न रचनात्मक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ‘हुनर’ थीम पर आयोजित गतिविधियों में युवाओं ने रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार दिया। मंच पर प्रस्तुत प्रतिभाओं ने दर्शकों को आकर्षित किया और युवाओं की रचनात्मक क्षमता को सामने रखा। पहली बार शुरू किए गए इस मंच का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ कौशल, करियर और रचनात्मक अवसरों से जोड़ना है।
कौशल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता यूपी
योगी सरकार उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दे रही है। यूपीएसडीएम के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कौशल विकास को प्रदर्शित करने से प्रदेश के युवाओं के हुनर को व्यापक पहचान मिलने के साथ यह संदेश भी जा रहा है कि कौशल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की मजबूत नींव है।
पारंपरिक हुनर और आधुनिक कौशल का संगम
यूपीएसडीएम पवेलियन में एक ओर चिकनकारी, पॉटरी और टेराकोटा जैसे पारंपरिक कौशल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आधुनिक कौशल से जुड़ी गतिविधियां युवाओं को बदलते रोजगार बाजार की संभावनाओं से परिचित करा रही हैं। इस पहल के जरिए उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कारीगरी को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी और नए बाजार से जोड़ने का प्रयास भी दिखाई दे रहा है। यूपीएसडीएम पवेलियन की ‘आओ करके सीखें’ थीम ने कौशल विकास को देखने के बजाय उसे अनुभव करने का अवसर दिया है। यही वजह है कि दूसरे दिन पवेलियन में लगातार दर्शकों की आवाजाही बनी रही।

