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स्वैच्छिक रक्तदान कर जीवन बचाने का लें संकल्प: डॉ कजली गुप्ता

Take a pledge to save lives by donating blood: Dr. Kajli Gupta

Take a pledge to save lives by donating blood: Dr. Kajli Gupta

लखनऊ: रक्त का कोई विकल्प नहीं है, स्वैच्छिक रक्तदान (Blood Donation) के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए, विशेष तौर पर स्वास्थ्य कर्मियों को आम जनता के बीच फैली हुई मिथ को तोड़ना आवश्यक है, रक्तदान (Blood Donation) से कोई कमजोरी नहीं होती बल्कि व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है, आज सिविल चिकित्सालय में फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष, चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव के जन्मदिन पर आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में चिकित्सालय की निदेशक डॉक्टर कजली गुप्ता ने रक्तदान जागरूकता का आवाहन किया ।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ देवेश चंद्र पांडे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ एस आर सिंह ने कहा कि रक्तदान (Blood Donation) बहुत पुनीत कार्य है इससे एक व्यक्ति तीन लोगों की जान बचा सकता है ।

फार्मेसिस्ट अधिकार दिवस के अवसर पर यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के सदस्यों ने चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरण किया ।
स्थापना दिवस के अवसर पर आज पूरे देश में फार्मेसी स्टूडेंट नेटवर्क (पी एस एन)बनाए जाने की घोषणा भी की गई जिसमें उत्तर प्रदेश के फार्मेसी छात्रों का नेटवर्क डेवलप किया जाएगा । स्थापना दिवस का कार्यक्रम एक निजी होटल में आयोजित किया गया । सुनील यादव ने सभी फार्मासिस्टों को अपडेट रहने की सलाह दी और कहा कि ए डी आर, साइड इफेक्ट, डोज, प्रयोग, इंटरेक्शन की जानकारी आप सभी को होनी चाहिए जिससे जनता का फायदा हो सके ।

अर्बन आरोग्य मंदिर में फार्मेसिस्ट की नियुक्ति, रोजगार का सृजन सहित 14 सूत्रीय अनुरोध के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए युवा फार्मेसिस्टो ने आज यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के स्थापना दिवस को ” फार्मेसिस्ट अधिकार दिवस ” के रूप में प्रदेश भर में मनाया। जनता के हित में फार्मेसिस्ट अधिकारों के सशक्तिकरण पर चर्चा हुई ।

आज फेडरेशन की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सुनील यादव का जन्मदिन भी प्रदेश भर में मनाया गया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुनील यादव ने कहा कि फार्मासिस्ट दवाओं के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में मदद करते हैं और रोगियों को निर्धारित उपचार, औषधि लेने का तरीके आदि के पालन के  महत्व के बारे में शिक्षित करते हैं। कम्युनिटी फार्मेसिस्ट , हॉस्पिटल फार्मेसिस्ट जहां

मरीजों के उपचार में प्रमुख भूमिका निभाते हैं वहीं क्लिनिकल फार्मेसिस्ट फार्माकोविजिलेंस, दवाओं के प्रभाव दुष्प्रभाव ए डी आर आदि पर कार्य करते हैं, फार्मेसिस्ट की योग्यता के अनुसार उनके अधिकारों के सशक्तिकरण और जनहित में प्रयोग किए जाने की जरूरत है । फार्मेसिस्ट की पहुँच और विशेषज्ञता सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, रोग निवारण अभियानों का समर्थन करने और जेनेरिक दवाओं की सिफारिश के माध्यम से रोगियों के लिए लागत प्रभावी समाधान प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है ।

यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष आदेश कृष्ण, महासचिव देवेंद्र कुमार के अनुसार देश में 42000से अधिक फार्मेसिस्ट शिक्षण संस्थान हैं, जहां प्रतिवर्ष लाखों फार्मेसिस्ट डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर, पी एच डी, डॉक्टर ऑफ फार्मेसी के रूप में प्रशिक्षित हो रहे हैं ।
लखनऊ में सैंकड़ों की संख्या में जुटे फार्मासिस्टों ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश फार्मासिस्ट फडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव के जन्मदिन पर जनसेवा का संकल्प लिया। इस अवसर पर फार्मेसिस्ट फेडरेशन के संरक्षक के के सचान, उपाध्यक्ष सुभाष श्रीवास्तव, शिव करन, रिटायर विंग के अध्यक्ष जय सिंह सचान, संगठन मंत्री आर पी सिंह, यूथ विंग के संरक्षक उपेंद्र यादव, अध्यक्ष आदेश, महासचिव देवेंद्र, अजीत, अवधेश , उपाध्यक्ष अनूप आनंद, प्रवीण यादव, शालिनी, अनुराधा, डीपीए के पूर्व कोषाध्यक्ष रजत यादव, अनूप आनंद, सीतापुर के अध्यक्ष रणजीत के नेतृत्व में सीतापुर टीम, रहमान, रविन्द्र, बाराबंकी अध्यक्ष रमेश वर्मा आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया ।
यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन की तरफ से प्रदेश के सभी फार्मासिस्ट कालेजों में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सभी जनपदों में अलग अलग कार्यक्रम किए गए, कई जनपदों में रैली, सेमिनार भी आयोजित किए गए ।

फार्मासिस्टों के अधिकारों का हो रहा हनन

इस अवसर पर फार्मासिस्ट फेडरेशन के संरक्षक के के सचान ने बताया कि सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर) के पदों की संकल्पना करते समय नेशनल हेल्थ पॉलिसी में फार्मेसिस्टो को भी वैलनेस सेंटर पर तैनात किए जाने की बात नीतिगत रूप से डॉक्यूमेंट में लाई गई थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया ।

दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट जरूरी*

दवाओं का भंडारण, वितरण जहां पर भी हो रहा हो,वहां पर फार्मासिस्ट जरूर होना चाहिए। साथ ही उनका मानदेय तय होना चाहिए। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के अन्दर करीब दो लाख पचास हजार से अधिक राजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हैं। जिनका जनहित में उपयोग हो सकता है,इनका उपयोग होने से आम लोगों को सही दवा मिल सकेगी और वह गलत दवाओं के प्रयोग से बचेंगे।

एक मंच पर आये फार्मासिस्ट

आज अधिकार दिवस के अवसर पर फार्मासिस्ट फडरेशन के बैनर तले सभी विधाओं के फार्मासिस्ट जुटे। जिसमें होम्योपैथी,आयुर्वेद तथा वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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