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सुरक्षा एजेंसी: सूत्र के अनुसार जम्‍मू कश्‍मीर में इस समय करीब 200 आतंकी सक्रिय

अफगानिस्‍तान में तालिबान के कब्‍जे के बाद पाकिस्‍तानकी खुफिया एजेंसी आईएसआई को इस समय मजबूत स्थिति में देखा जा रहा है।अफगानिस्‍तान पर तालिबान के कब्‍जे के पहले ही आईएसआई लश्‍कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्‍मद और अल बद्र जैसे आतंकी संगठनों के आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ कराने का प्रयास कर चुकी है। ऐसा पिछले 2 महीने में देखने को मिला है। अफगानिस्‍तान में तालिबान को पाकिस्‍तानी मदद मिलने की भी बातें सामने आई हैं।

सुरक्षा एजेंसी के एक सूत्र के अनुसार जम्‍मू कश्‍मीर में इस समय करीब 200 आतंकी सक्रिय हैं। इनमें विदेशी आतंकी भी शामिल हैं। वे आतंकी हमले के लिए आईएसआई के इशारे का इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस साल जनवरी से लेकर अब तक आतंकियों को पनाह देने वाले करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  रिपोर्ट के अनुसार एक सेक्‍योरिटी अफसर का कहना है, ‘हम लगातार कुछ संदिग्‍धों पर करीबी नजर रखे हुए हैं। ये लोग खुद को राष्‍ट्रवादी के रूप में जाहिर करते हैं। हम इन्‍हें जल्‍द ही दबोच लेंगे। ’

खुफिया एजेंसी के कुछ वरिष्‍ठ अफसरों का कहना है कि भारतीय एजेंसियां घुसपैठ और पाकिस्‍तान व पीओके में आतंकी लॉन्‍चपैड की घटनाओं को अफगानिस्‍तान में हो रही घटनाओं से जोड़कर नहीं देख रहे हैं। बल्कि इसे आईएसआई के गेम प्‍लान के रूप में देख रहे हैं। हालांकि अफगानिस्‍तान में छोड़े गए अमेरिकी हथियार और अफगानिस्‍तान से कुछ आतंकियों का जम्‍मू कश्‍मीर की ओर आईएसआई की मदद से रुख करना चिंता का विषय है।

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ISI के मंसूबे को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हैं। आईएसआई के प्रयासों को बेअसर करने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों ने सीमा ग्रिड को और मजबूत कर दिया है साथ ही पाकिस्तान बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी है। घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को कश्मीर के गांवों में आसानी से कोई ठिकाना न मिले इसके लिए खास नजर रखी जा रही है।

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