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सुधा चंद्रन ने पीएम मोदी से की शिकायत, CISF ने एक्‍ट्रेस से मांगी माफी

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नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्‍ट्रेस और प्रसिद्ध क्‍लासिकल डांसर सुधा चंद्रन को एक बार फिर एयरपोर्ट पर अपने प्रोस्‍थेटिक पैर के चलते रोका गया और उन्‍हें इसे हटाने के लिए कहा गया। इस घटना से सुधा इतनी आहत थीं कि उन्‍होंने पीएम मोदी को अपनी बात कहते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्‍ट कर दी। सुधा की पीएम मोदी से इस अपील के बाद अब सीआईएसएफ ने उन्‍हें एयरपोर्ट पर हुई इस असुविधा के लिए माफी मांगी है। दरअसल सुधा चंद्रन 21 अक्टूबर को काम के सिलसिले से फ्लाइट से कहीं जा रही थीं, पर उन्हें एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। सुधा, जो दिव्यांग हैं और प्रोस्थेटिक पैर का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें जांच के लिए इसे हटाने के लिए कहा गया। एक्ट्रेस को इससे काफी बुरा लगा।

सुधा चंद्रन ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि हर बार जब वे यात्रा करती हैं, तो उन्हें अपने प्रोस्थेटिक पैर को हटाने के लिए कहा जाता है, जो शारीरिक और मानसिक रूप से तकलीफदेह है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा, आहत हूं, हर बार ऐसी ही तकलीफ होती है। उम्मीद है कि मेरा मैसेज राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों तक पहुंच जाएगा और जल्दी कार्रवाई की उम्मीद करती हूं। सुधा चंद्रन ने पीएम नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि प्रोस्थेटिक अंगों वाले लोगों के लिए प्रोसेस को बदला जाए और उन्हें विशेष कार्ड जारी किए जाएं, ताकि उन्हें एयरपोर्ट पर प्रोस्थेटिक्स को हटाने की प्रक्रिया से गुजरना न पड़े।

इस मामले में सीआईएसएफ (CISF) ने एक्‍ट्रेस से माफी मांगी है। अपने ट्वीट में सीआईएसएफ ने कहा, सुधा चंद्रनन जी को जो असुविधा हुई उसके लिए  हम खेद प्रकट करते हैं।

प्रवक्ता अनिल पांडे ने कहा कि, हमने सभी एयरपोर्ट पर अपने स्टाफ को समझा दिया है कि किसी भी यात्री को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि प्रोस्थेटिक अंग की वजह से उन्हें अपमानित किया जा रहा है। हम प्रोस्थेटिक अंगों वाले यात्रियों की तलाशी लेते समय बहुत सावधानी बरतते हैं। सुधा चंद्रन एक मशहूर एक्ट्रेस हैं, लेकिन एक आम इंसान को भी कृत्रिम अंग हटाने के लिए नहीं कहा जाता है। हमें नहीं पता कि उन्होंने ऐसा दावा क्यों किया, पर उन्हें कभी प्रोस्थेटिक हटाने के लिए नहीं कहा गया। सीआईएसएफ में किसी को कृत्रिम अंग हटाने के लिए नहीं कहा जाता। यह चलन में बना हुआ है। सीआईएसएफ ने 2017 में दावा किया था कि उन्होंने दिव्यांग लोगों को अपने प्रोस्थेटिक्स हटाने के लिए कहने के चलन को बंद कर दिया था।

सीआईएसएफ ने मांगी माफी

सीआईएसएफ ने ट्वीट के जरिए जांच का आश्वासन दिया है। वे लिखते हैं, हम जांच करेंगे कि संबंधित महिला कर्मचारियों ने सुधा चंद्रन से प्रोस्थेटिक्स हटाने का अनुरोध क्यों किया था। हम सुधा चंद्रन को भरोसा दिलाते हैं कि हमारे सभी कर्मचारियों को प्रोटोकॉल को लेकर सजग किया जाएगा, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। बता दें कि सुधा चंद्रन ने एक सड़क दुर्घटना में अपना पैर खो दिया और अब प्रोस्थेटिक पैर का इस्तेमाल करती हैं। एक्ट्रेस दिव्यांग होने के बावजूद एक शानदार डांसर और एक्ट्रेस हैं।

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