चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की।
पंजाब के अलग-अलग जिलों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता सेक्टर-17 में RBI कार्यालय के पास जुटे। इसके बाद प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
राजा वड़िंग समेत कई नेता हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। वड़िंग को सेक्टर-17 पुलिस थाने ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन में राजा वड़िंग के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, परगट सिंह और राज कुमार वेरका समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं रहे।
SIR पर रोक की मांग
राजा वड़िंग ने पंजाब में SIR की प्रक्रिया को विधानसभा चुनाव तक रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव मौजूदा मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं और किसी पात्र मतदाता का नाम हटाया न जाए।
वड़िंग ने नए Form-6 की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि पहली बार मतदान करने वाले कई पात्र लोगों को अपने माता-पिता या दादा-दादी से जुड़ी पुरानी मतदाता सूची की जानकारी देने जैसी शर्तों के कारण परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि चुनाव के बाद SIR की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए।
चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज किया
कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेरफेर से जुड़े विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है और SIR प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि आयोग के भीतर दर्ज टिप्पणियां और तकनीकी सवाल बहु-सदस्यीय संस्था की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं तथा SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
पंजाब में यह विवाद ऐसे समय बढ़ा है, जब अगले विधानसभा चुनाव करीब छह महीने बाद होने हैं। ऐसे में SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव आने वाले दिनों में भी राजनीतिक मुद्दा बना रह सकता है।
