अयोध्या: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Case) मामले को लेकर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से ऐसे दावे सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नई चर्चा में ला दिया है। दावा किया जा रहा है कि चोरी की रकम शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक थी। हालांकि, इन दावों की अब तक न तो एसआईटी, न पुलिस और न ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने पुलिस में मामला दर्ज होने से पहले आंतरिक स्तर पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की थी। इसी दौरान कुछ संदिग्धों की पहचान की गई और उनसे बड़ी रकम बरामद होने का दावा किया जा रहा है। रिपोर्टों में यह राशि करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये बताई गई है।
जांच एजेंसी को पूरी जानकारी नहीं मिलने का दावा
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कथित बरामदगी की पूरी जानकारी जांच एजेंसियों तक नहीं पहुंची। दावा है कि एसआईटी के सामने केवल सीमित रकम का ही उल्लेख किया गया। हालांकि, इस संबंध में किसी भी सरकारी एजेंसी या ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामले को सीमित रखने की कोशिश?
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि यदि कथित तौर पर बरामद पूरी राशि सार्वजनिक होती, तो मंदिर की वित्तीय व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते थे। इसी वजह से मामले के दायरे को सीमित रखने की कोशिश किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पांच करोड़ रुपये से अधिक की चोरी का अनुमान
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि आरोपियों ने पकड़े जाने से पहले कथित तौर पर दो से ढाई करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे। यदि इस दावे को कथित बरामदगी के साथ जोड़ा जाए, तो चोरी की कुल रकम पांच करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
हालांकि, यह पूरा आकलन केवल सूत्रों के हवाले से सामने आया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद यह साफ हो सकेगा कि चोरी की वास्तविक रकम कितनी थी, जांच में क्या तथ्य सामने आए और आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। तब तक इस मामले में सामने आ रहे सभी दावों को आधिकारिक पुष्टि का इंतजार रहेगा।

