सऊदी अरब और बहरीन ने लेबनान के राजदूतों को देश छोड़ने का दिया आदेश

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बेरूत। सऊदी अरब ने लेबनान के एक मंत्री की टिप्पणियों के जवाब में उसके राजदूत को देश छोड़ने का आदेश दिया है और लेबनान से होने वाले सभी आयातों पर रोक लगा दी है। दरअसल, किंगडम की तरफ से ये कार्रवाई इसलिए की गई है, क्योंकि एक लेबनानी मंत्री ने यमन में जारी युद्ध को सऊदी ‘आक्रामकता’ बताया था। वहीं, कुछ घंटों बाद ही शुक्रवार को किंगडम ऑफ बहरीन ने लेबनान के राजदूत को उसी वजह से दो दिनों के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।

लेबनान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के फैसले पर चर्चा की और देश के सूचना मंत्री से सही फैसला लेने के लिए कहा। सऊदी अरब के सरकारी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बेरूत में किंगडम के राजदूत को भी घर वापस जाने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस कदम से उन हजारों लेबनानी नागरिकों और उनके परिवारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जो फिलहाल सऊदी में रहते हैं और काम करते हैं। गौरतलब है कि यमन में साल 2015 से ही युद्ध जारी है। इस दौरान सऊदी अरब के नेतृत्व में यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग लड़ी जा रही है।

आर्थिक संकट का सामना कर रहा है लेबनान

गौरतलब है कि लेबनान से आयात पर प्रतिबंध लगाने का सऊदी निर्णय ऐसे समय में आया है, जब मध्यपूर्व का ये छोटा सा देश विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रहा है। लेबनान अपने आधुनिक इतिहास में सबसे खराब आर्थिक और वित्तीय संकट से गुजर रहा है। 2019 के अंत में लेबनान का आर्थिक मंदी शुरू होने के बाद से लेबनानी पाउंड ने अपने मूल्य का 90 फीसदी से अधिक खो दिया है। दसियों हजारों लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है और अब देश के तीन चौथाई निवासी गरीबी में रहते हैं। क्षेत्रीय आर्थिक महाशक्ति सऊदी अरब दशकों से लेबनानी उत्पादों का एक प्रमुख बाजार रहा है।

विवाद की वजह

दरअसल, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें लेबनान के सूचना मंत्री जॉर्ज कोर्डाही ने यमन में युद्ध को सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आक्रामकता के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि यमन में युद्ध बेतुका है और इसे रोकना चाहिए क्योंकि वह अरबों के बीच युद्ध का विरोध करते हैं।

लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती के कार्यालय ने कहा कि उन्होंने कोर्डाडी को फोन करने से पहले राष्ट्रपति मिशेल औन के साथ स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान राष्ट्रपति से राष्ट्रीय हितों के खातिर उचित निर्णय लेने के लिए कहा गया।

मिकाती ने कहा कि उनकी सरकार सऊदी अरब के साथ गहरे भाईचारे के संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी चीज को स्पष्ट रूप से खारिज करती है। मिकाती ने पहले कहा था कि कोर्डाही की टिप्पणियां सरकार की राय का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री ने यह टिप्पणी पिछले महीने पद पर कार्यभार संभालने से पहले की थी।

पूर्व में टीवी कार्यक्रम के मेजबान रहे कोर्डाही ने सितंबर में इस पद के लिए चुने जाने से पहले एक टीवी कार्यक्रम पर यह टिप्पणी की थी। कोर्डाही ने इस सप्ताह बेरूत में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अपने साक्षात्कार के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया। यह साक्षात्कार पांच अगस्त को प्रसारित हुआ था।

उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद से, वह अपनी राय व्यक्त नहीं करने की सरकार की नीति का पालन करते हैं। कोर्डाही ने कहा, हमें लेबनान में किसी के ब्लैकमेल का शिकार नहीं होना चाहिए, चाहे वे देश हों, राजदूत हों या व्यक्ति हों।

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