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राम मंदिर चढ़ावा केस: आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर चलेगा बुलडोजर, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुख्य आरोपी लव कुश मिश्रा की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। पुलिसिया जांच के बाद अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) का शिकंजा भी आरोपी पर कसता जा रहा है। बुधवार को प्राधिकरण के अधिकारियों की एक विशेष टीम ने शहादतगंज स्थित लव कुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान का औचक मुआयना किया। जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन एरिया तय मानकों के विपरीत 100 फीसदी भूमि कवरेज पर किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह अवैध है। आरोपी के पड़ोसी ने पुष्टि की है कि अधिकारियों ने पूरे निर्माण स्थल का मेजरमेंट (नाप-जोख) लिया और विस्तृत सर्वे रिपोर्ट तैयार करके चले गए हैं, जिसके बाद इस अवैध निर्माण पर जल्द ही प्राधिकरण का बुलडोजर चलने या सीलिंग की कार्रवाई होने की प्रबल संभावना है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की तफ्तीश भी बेहद आक्रामक ढंग से आगे बढ़ रही है। शहादतगंज में जहां लव कुश का यह नया मकान बन रहा है, वहां के स्थानीय निवासी और आरोपी के पड़ोसी राजकुमार पांडे से पुलिस ने कल करीब डेढ़ घंटे तक सघन पूछताछ की। इस पूछताछ के दौरान पुलिस ने राजकुमार से लव कुश मिश्रा के साथ उनकी जान-पहचान के समय, बातचीत के तौर-तरीकों और उसकी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में कड़े सवाल पूछे। इसके अलावा, पुलिस ने इस प्लॉट से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय विवरण भी खंगाले, जैसे—यह जमीन कब और किससे खरीदी गई, इसकी वास्तविक कीमत क्या थी, निर्माण कार्य कब शुरू हुआ और इस निर्माणाधीन साइट पर नियमित रूप से कौन-कौन लोग मिलने आते थे।

जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आरोपी लव कुश मिश्रा की आय और उसके आलीशान रहन-सहन के बीच के जमीन-आसमान के अंतर को लेकर हुआ है। महज 18,000 रुपये मासिक वेतन पाने वाला और अब तक अयोध्या में एक छोटे से सिंगल रूम के मकान में रहने वाला लव कुश शहादतगंज में लगभग 1,000 स्क्वायर फीट के दायरे में दो मंजिला आलीशान और लग्जरी मकान बनवा रहा था। इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर तीन बड़े कमरों के साथ सभी में अटैच्ड वॉशरूम की व्यवस्था की गई है, जबकि दूसरी मंजिल पर भी तीन कमरों के साथ एक बेहद आलीशान ‘लक्जरी सुइट’ नुमा कमरा तैयार किया जा रहा था, जिसमें लिविंग एरिया और बेडरूम को अलग कर अटैच्ड वॉशरूम बनाया गया है। इतना ही नहीं, आरोपी तीसरी मंजिल बनाने की भी पूरी तैयारी में था, जिसके लिए पिलर ढलाई हेतु सरिए की फ्रेमिंग का काम भी पूरा कर लिया गया था।

पुलिस और राजस्व विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस पूरे आलीशान साम्राज्य की शुरुआत बहुत ही कम समय के भीतर हुई। इस प्लॉट की रजिस्ट्री पिछले साल नवंबर महीने में कराई गई थी, जिसके बाद फरवरी से निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू हुआ और मई आते-आते दो मंजिला ढांचा लगभग बनकर तैयार हो गया। बाजार सूत्रों के मुताबिक, इस प्राइम लोकेशन पर प्लॉट की वास्तविक कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है, हालांकि शातिर आरोपी ने सरकारी स्टांप ड्यूटी और टैक्स से बचने के लिए कागजों पर इसकी कीमत महज 8 लाख रुपये ही घोषित की थी। अधिकारियों ने बताया कि यह बेनामी संपत्ति लव कुश मिश्रा ने अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम पर रजिस्टर्ड करवाई थी, जिसके वित्तीय स्रोतों की जांच के लिए अब बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है।

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