पाकिस्तान के आतंकी कर सकते हैं भारत और पाक का माहौल खराब- जनरल बिपिन रावत

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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने बताया है कि पाकिस्तान की सेना के साथ काम करने वाले आतंकवादी फिर से भारत और पाक के बीच स्थितियों को खराब कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि भारतीय सेनाओं को चीन और पाकिस्तान से जुड़ी सीमाओं पर तैनात होने और सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस समय रक्षा बलों के लिए प्राथमिक मोर्चा उत्तरी सीमा हैं, जहां भारत और चीन के बीच विवाद अभी भी जारी है।

गौरतलब है कि बिपिन रावत ने कहा है कि चीन और पाकिस्तान दोनों से ही खुद को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। देश को 2020 में चीन और भारत के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद उत्तरी मोर्चों पर भी मुख्य रूप से हमें तैयार रहना चाहिए। इसी के साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के साथ काम करने वाले आतंकवादियों को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ये लोग कभी भी भारत के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे में भारत को हर मोर्चे पर तैयार रहने की जरुरत है।

 देश में आतंकवादी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान के समर्थन करने पर जनरर बिपिन रावत ने कहा है कि अब तक नियंत्रण रेखा (LOC) पर संघर्ष विराम जारी है, ड्रोन का उपयोग करके हथियारों और ड्रग्स की घुसपैठ से भारत में शांति भंग हो रही है। ड्रग्स और हथियारों की तस्करी से आंतरिक शांति प्रक्रिया बाधित होती है, तो हम वास्तव में यह नहीं कह सकते कि संघर्ष विराम हो रहा है।

बता दें कि CDS जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि तीनों सेनाओं को एकजुट करके और मजबूत किया जाएगा। तीनों सेनाएं को एकसाथ आगे बढ़ाने के लिए हम तैयार है। इससे हमारे देश की ताकत और ज्यादा बढ़ जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा है कि जब कुछ नया होता है तो परेशानियां भी आती हैं, लेकिन इससे हम भविष्य में युद्ध के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं। जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि केंद्र शासित प्रदेश के लोग शांति चाहते हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बहुत अधिक आतंकवाद और उग्रवाद देखा है। लोग अब शांति की ओर देख रहे हैं, खासकर अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से यह जारी रहा, तो समय आएगा। जब लोग खुद हिंसा से दूर हो जाएंगे और उग्रवाद की अनुमति को नकारेंगे।

उन्होेंने यह भी बताया कि कुछ युवाओं को गुमराह किया गया है, मुझे लगता है कि हमें उनकी पहचान करने और यह देखने की जरूरत है कि हम उनसे कितनी अच्छी तरह बातचीत कर सकते हैं। उन्हें समझाया जा सकता है कि आतंकवाद आगे का रास्ता नहीं है, बल्कि शांति की तरफ हमें जाना चाहिए।

Divyansh Singh

मिट्टी का तन, मस्ती का मन; छड़ भर जीवन, मेरा परिचय।

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