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पहलगाम हमले में बड़ा एक्शन! हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

Hafiz-Ansari

पहलगाम: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। जम्मू की एक विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। इस आदेश के बाद उसे भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

एनआईए का दावा है कि पहलगाम हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठकर रची गई थी और इसमें हाफिज सईद की अहम भूमिका रही। एजेंसी ने हाल ही में अदालत में करीब 60 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें उसे हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।

अदालत में पेश न होने पर बढ़ी कार्रवाई

जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद फिलहाल पाकिस्तान में है और उसे भारत लाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नए आपराधिक कानूनों के तहत उसकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया।

एनआईए की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। माना जा रहा है कि अब उसके खिलाफ ‘भगोड़ा अपराधी’ घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

क्या है ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’?

हाल ही में लागू नए आपराधिक कानूनों में ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ यानी आरोपी की अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने का प्रावधान जोड़ा गया है। यह व्यवस्था उन मामलों में लागू हो सकती है, जहां आरोपी जानबूझकर अदालत में पेश नहीं हो रहा हो, देश से बाहर हो और उसके खिलाफ गंभीर अपराधों के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हों।

कानून के अनुसार पहले अदालत समन और फिर गैर-जमानती वारंट जारी करती है। इसके बाद भी यदि आरोपी पेश नहीं होता, तो उसे भगोड़ा घोषित कर उसकी गैर-मौजूदगी में मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।

पहले भी कई मामलों में सामने आया नाम

एनआईए का कहना है कि हाफिज सईद लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का प्रमुख चेहरा रहा है। एजेंसी के अनुसार पहलगाम हमले की योजना भी पाकिस्तान में तैयार की गई थी और उसकी कमान लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष नेतृत्व के हाथ में थी।

जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि प्रत्यर्पण की संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए गैर-मौजूदगी में ट्रायल ही एकमात्र विकल्प बचता है।

कई अन्य आरोपी भी चार्जशीट में शामिल

इस मामले में एनआईए पहले ही अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। उसमें पाकिस्तान के तीन आतंकियों—सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी—को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा लश्कर से जुड़े साजिद सैफुल्ला जट्ट और स्थानीय स्तर पर कथित सहयोग देने के आरोप में बशीर अहमद तथा परवेज अहमद के नाम भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इस हमले के बाद देशभर में आक्रोश देखने को मिला था और जांच एजेंसियां लगातार साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।

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