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गडकरी ने गिनाईं विकास योजनाएं, उत्तराखंड को मिलेगी नई रफ्तार

Nitin Gadkari

Nitin Gadkari

देहरादून। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari)  ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये की सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे कनेक्टिविटी, पर्यटन और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा।

गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन सड़क का उद्घाटन जून माह में प्रस्तावित है। वहीं 1650 करोड़ रुपये की लागत से पौंटा साहिब-देहरादून फोरलेन मार्ग अगले महीने तक शुरू हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि 1600 करोड़ रुपये की लागत से हरिद्वार ग्रीनफील्ड फोरलेन बाईपास फेज-1 अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। इसके अलावा 1100 करोड़ रुपये की लागत वाली ऋषिकेश बाईपास परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू होने की संभावना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1050 करोड़ रुपये की लागत से 21 किलोमीटर लंबा रुद्रपुर फोरलेन बाईपास इसी वर्ष अक्टूबर तक पूरा होगा, जबकि 936 करोड़ रुपये की लागत से 15 किलोमीटर लंबा काशीपुर बाईपास दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि 716 करोड़ रुपये की लागत से देहरादून-झाझरा-आशारोड़ी 12 किलोमीटर फोरलेन एलिवेटेड रोड अगले वर्ष अप्रैल तक पूरी होगी। वहीं 745 करोड़ रुपये की लागत से भानियावाला-जॉलीग्रांट से ऋषिकेश तक 20 किलोमीटर फोरलेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही 800 करोड़ रुपये की लागत से श्रीनगर टू लेन बाईपास की डीपीआर तैयार की जा रही है।

गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन के रास्ते जाना पड़ता था, लेकिन अब 5200 करोड़ रुपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में से लगभग 200 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है।

उन्होंने बताया कि 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही 825 किलोमीटर लंबी चारधाम सड़क परियोजना में अब तक 640 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। वहीं 1300 करोड़ रुपये की लागत से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग का कार्य दिसंबर 2026 तक शुरू किया जाएगा।

गंगोत्री धाम मार्ग पर 142 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 100 किलोमीटर कार्य चरणबद्ध तरीके से जारी है। यमुनोत्री धाम के लिए 2500 करोड़ रुपये की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है और शेष 30 किलोमीटर कार्य अप्रैल 2028 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।

गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं पर भी काम कर रही है। साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सुरंग निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तराखंड में आवागमन सुगम होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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