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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से नये भारत का मार्ग होगा प्रशस्त : रामनाथ कोविंद

New national education policy

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति New national education policy

नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने देश में हाल ही में लागू नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को दूरदर्शी और दूरगामी परिणाम वाली नीति करार दिया। शुक्रवार को कहा कि इससे नये भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

यह बात श्री कोविंद ने देश के 74वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन में कही। उन्होंने कहा कि देश के नौनिहालों और युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार शिक्षा प्रदान करने की दृष्टि से केंद्र सरकार ने हाल ही में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ लागू करने का निर्णय लिया है।

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उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई शिक्षा नीति से गुणवत्ता युक्त एक नई शिक्षा व्यवस्था विकसित होगी। जो भविष्य में आने वाली चुनौतियों को अवसर में बदलकर नये भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को अपनी रूचि और प्रतिभा के अनुसार अपने विषयों को चुनने की आजादी होगी। उन्हें अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी भावी पीढ़ी, इन योग्यताओं के बल पर न केवल रोजगार पाने में समर्थ होगी, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक दूरदर्शी और दूरगामी परिणाम वाली नीति है।

नई ​शिक्षा नीति में शिक्षा में ‘समावेशन (इन्क्लूजन)’, ‘नवाचार (इनोवेशन)’ और ‘संस्था (इंस्टीट्यूशन)’ की संस्कृति को मजबूती मिलेगी। नयी शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा में अध्ययन को महत्व दिया गया है, जिससे बालमन सहजता से पुष्पित-पल्लवित हो सकेगा। साथ ही इससे सभी भारतीय भाषाओं और भारत की एकता को आवश्यक बल मिलेगा।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि किसी भी राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए उसके युवाओं का सशक्तीकरण आवश्यक होता है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति इस दिशा में एक बड़ा कदम है।

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