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मिसाइलमैन का जन्म दिन आज, पीएम मोदी ने अब्दुल कलाम को किया याद

नई दिल्ली। भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का आज 90वां जन्मदिन है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को लोग उनके नाम से कम उनके काम से ज्यादा जानते है। आज पूरा देश मिसाइल मैन के नाम से जाने वाले डॉ कलाम को 15 अक्टूबर को उनके जन्मदिन पर याद कर रहा है। डॉ कलाम एक प्रेरक व्यक्तित्व थे, लेकिन उनका पूरा जीवन ही लोगों के लिए एक बड़ी प्रेरणा रहा है।

उनका जीवन आज भी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। वे आज भी सभी के दिलों में जिंदा हैं। आज उनके जन्मदिन पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। इस मौके पर राष्ट्रपित कोविंद, पीएम मोदी, राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों और नेताओं ने उन्हें याद किया।

राष्ट्रपित कोविदं ने मिसाइल मैन को किया याद

पीएम मोदी ने किया याद 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद किया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि डॉ. कलाम ने भारत को मजबूत, समृद्ध और सक्षम बनाने में अपना जीवन समर्पित कर दिया, देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे।

राजनाथ सिंह ने भी पूर्व राष्ट्रपति को याद किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति को उनकी जयंती पर याद किया। राजनाथ सिंह ने ट्वीट में लिखा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें नमन। आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र के निर्माण का उनका सपना था। उन्होंने अपना पूरा जीवन मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था जन्म
डॉ. अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उनका पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था। इन्होंने फिजिक्स और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई तमिलनाडु से ही की थी। इन्होंने अपनी जिंदगी के चार दशक डीआरडीओ और इसरो में वैज्ञानिक के रूप में बिताए थे। अब्दुल कलाम बेहद सादे व्यक्ति थे। 2002 में अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति चुने गए। उस समय इन्हें केन्द्र में सत्ता पर काबिज बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनो का ही सपोर्ट मिला था। इन्हें भारत रत्न अवॉर्ड भी मिल चुका है। वह बच्चों को हमेशा बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते थे।

परमाणु परीक्षण में निभाई अहम भूमिका
एपीजे अब्दुल कलाम मुख्य रूप से भारत के नागरिक कार्यों के लिए तैयार किए जाने वाले स्पेस प्रोग्राम और मिलिट्री मिसाइल डेवलपमेंट से जुड़े थे। इन्हें मिसाइल मैन भी कहा जाता है। 1998 में पोखरण में किए गए भारत के परमाणु परीक्षण में अब्दुल कलाम की मुख्य भूमिका रही थी। इस पर बॉलिवुड में परमाणु नाम से एक फिल्म भी बन चुकी है। भारत के राष्ट्रपति पद पर एक पारी पूरी करने के बाद कलाम वापस शिक्षा के क्षेत्र में लौट गए। 27 जुलाई 2015 को आइआइएम, शिलांग में छात्रों को संबोधित करने के दौरान उन्हे हार्ट अटैक आया और वहीं उनका निधन हो गया।

15 अक्टूबर ‘विश्व छात्र दिवस’ घोषित 

गौरतलब है कि दुनियाभर में हर वर्ष 15 अक्टूबर को  ‘विश्व छात्र दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संगठन ने उनके जन्मदिन 15 अक्टूबर 2010 को ‘विश्व विद्यार्थी दिवस’ घोषित किया था।

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