चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में जारी अंदरूनी घमासान को शांत करने और आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में पार्टी हाईकमान ने एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी भूपेश बघेल की हरी झंडी मिलने के बाद, पार्टी ने प्रदेश संगठन के तीनों कार्यकारी प्रधानों (वर्किंग प्रेसिडेंट्स) के बीच कार्यक्षेत्र और जिलों का नया विभाजन करते हुए उन्हें बड़ी व नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सचिवों (सह-प्रभारियों) के साथ मिलकर विधानसभा क्षेत्रों में बेहतर तालमेल बिठाना है।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत, कार्यकारी प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी को पंजाब कांग्रेस के सह-प्रभारी व राष्ट्रीय सचिव सूरज ठाकुर के साथ संबद्ध किया गया है। सुखविंदर डैनी को संगठन के भीतर सबसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र की कमान सौंपते हुए 42 संगठनात्मक जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। वे इन जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में तैनात सचिव के साथ मिलकर सांगठनिक गतिविधियों और चुनावी रणनीति का समन्वय करेंगे।
इसी कड़ी में, दूसरे कार्यकारी प्रधान संगत सिंह को राष्ट्रीय सचिव व सह-प्रभारी रविंद्र दलवी के साथ टीम में लगाया गया है। संगत सिंह के कंधों पर संगठन को धार देने के लिए सबसे अधिक यानी 45 सांगठनिक जिलों का प्रभार सौंपा गया है। वे इन जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का कार्य देखेंगे।
तीसरे कार्यकारी प्रधान और वरिष्ठ नेता राज कुमार वेरका को राष्ट्रीय सचिव व सह-प्रभारी हीना कवाडे के साथ संबद्ध किया गया है। वेरका को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आपसी समन्वय स्थापित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ-साथ 30 सांगठनिक जिलों का स्वतंत्र कार्यभार सौंपा गया है।
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही तीव्र गुटबाजी को दूर करने और पार्टी में गुटों के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस समय अपने पांच दिवसीय अत्यंत महत्वपूर्ण सांगठनिक दौरे पर चंडीगढ़ पहुंचे हुए हैं, जहां वे लगातार मैराथन बैठकें कर 2027 के विधानसभा चुनाव की मजबूत रणनीति तैयार करने और सभी नाराज धड़ों को एक मंच पर लाने के प्रयास में जुटे हैं।

