बगदाद

LIVE: ईरान ने अमेरिका पर की जवाबी कार्रवाई, विमान दुर्घटनाग्रस्त, 180 यात्री की मौत

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वर्ल्ड न्यूज। गत शुक्रवार को अमेरिकी के ड्रोन हमले में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हुई हत्या के बाद से इन दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा हैं। ईरानी कमांडर जनरल सुलेमानी की हत्या के बाद से ही ईरान ने अपने तेवर सख्त किए हुए हैं। पहले से ही यह आशंका जताई जा रही थी कि ईरान आक्रामक कदम उठा सकता है।

ऐसे में अमेरिका भी जवाबी हमला कर सकता है। वहीं इस हमले का आज बुधवार को ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इराक में मौजूद अमेरिका के तीन सैन्य ठिकाने, इरबिर अल-असद और ताजी एयरबेस पर कई रॉकेट दागे। इस हमले ने एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को बढ़ा दिया है।

इसी बीच ईरान में आज यूक्रेन का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस विमान में 180 यात्री सवार थे जिनकी मौत हो गई है। वहीं ईरान में आज भूकंप के दो झटके भी महसूस किए गए हैं। भारत ने भी ईरान और इराक के ऊपर से विमानों को उड़ान न भरने को कहा है।

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किया गया हमला सफल रहा और पिछली रात हमने अमेरिका के घमंड पर तमाचा जड़ा है।

उन्होंने जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को शहादत बताते हुए कहा कि ईरान कभी उनके योगदान को नहीं भूल सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सुलेमानी को आतंकी घोषित करने की कोशिश की। यह अन्यायपूर्ण है, अमेरिकी झूठे हैं।

ईरान के राजदूत अली चेगेनी का बयान

भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ तनाव कम करने की दिशा में भारत के किसी भी शांति कदम का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं, हम क्षेत्र में सभी के लिए शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

हमले में किसी के न मारे जानें का इराकी सेना ने किया दावा

इराकी सेना ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी सैनिकों के अड्डों पर कुल 22 मिसाइलें दागी। इन हमलों में कोई इराकी नहीं मारा गया है।

साथ ही ईरान ने यह भी दावा किया है कि इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बुधवार को किए गए मिसाइल हमलों में 80 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

अमेरिका ने इराक से हटाया गठबंधन सेना का मुख्यालय

अमेरिका ने ईरान द्वारा किए गए ताजा हमले को देखते हुए इराक में मौजूद गठबंधन सेना का मुख्यालय कुवैत स्थानांतरित कर दिया है। इस बाद की जानकारी ईरानी मीडिया ने दी है। अमेरिका को डर है कि ईरान आगे भी इन ठिकानों को निशाना बना सकता है।

विदेश मंत्रालय ने जारी की यात्रा सलाह

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘इराक की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अगली अधिसूचना जारी होने तक इराक के गैर-आवश्यक यात्रा से बचें। इराक में रहने वाले भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वह सतर्क रहें और इराक के अंदर यात्रा करने से भी बचें।’

फिट और स्वस्थ्य रहने के लिए इन आदतों का करें पालन 

मंत्रालय ने आगे कहा कि बगदाद में मौजूद हमारा दूतावास और एरबिल का वाणिज्य दूतावास इराक में रहने वाले भारतीयों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए सामान्य रूप से काम करना जारी रखेंगे।

बढ़ सकता है हवाई किराया

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय विमान कंपनियां अब ईरानी हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से बचने के लिए अपनी उड़ानों का रास्ता बदल सकती हैं। इसके पहले भी जून 2019 में भारत के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने ईरान के ऊपर से उड़ान न भरने का फरमान जारी किया था। इसका सीधा असर किराए पर पड़ेगा।

भारत भी सतर्क, कहा- ईरान और इराक वायुक्षेत्र में जाने से बचें

ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमले के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका, मलेशिया, सिंगापुर और चीन के बाद भारत भी सतर्क हो गया है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानन कंपनियों को एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान-इराक और खाड़ी देशों के वायुक्षेत्र के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है।

अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली ने ईरानी हमले को किया नाकाम

ईराक में तैनात अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली ने ईरान के एक मिसाइल हमले को नाकाम कर दिया है। एंटी मिसाइल ने हवा में ही ईरानी मिसाइल को मार गिराया।

ईरानी विदेशमंत्री बोले- आत्मरक्षा के लिए हमला किया

ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा कि हमने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के तहत कदम उठाया है। जिसमें  हमारे नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कायरतापूर्ण सशस्त्र हमला किया गया। हम युद्ध की संभावनाओं को नहीं बढ़ा रहे हैं।  लेकिन, हम किसी भी आक्रमण के खिलाफ खुद का बचाव करेंगे।

ईरानी हमले के बाद ट्रंप बोले- ऑल इज वेल

ईरानी मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि ऑल इज वेल (सब ठीक है), हम हताहतों की संख्या और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। हमारे पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है। मैं कल सुबह इस विषय पर बयान दूंगा।

इस्राइल और सऊदी अरब हाई अलर्ट पर

इस हमले के बाद से इस्राइल और सऊदी अरब अलर्ट पर हैं। ईरान ने इस्राइल के हाइफा शहर और सऊदी अरब पर भी हमले की चेतावनी दी है। इसके बाद से ही दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। उधर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सैन्य कमांडरों की बैठक बुलाई है। जिसमें सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विचार किया जाएगा।

अमेरिका ने ईरान और इराक के ऊपर से हवाई सेवाएं प्रतिबंधित की

ताजा हमले के बाद अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से ईरान और इराक के ऊपर से किसी भी अमेरिकी फ्लाइट के गुजरने पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान समर्थित विद्रोही संगठन अमेरिकी हवाई जहाजों को निशाना बना सकते हैं। कुछ दिनों पहले भी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि विद्रोहियों के पास विमान को मार गिराने वाली मिसाइलें हैं।

ट्रंप ने सुलेमानी को कहा राक्षस

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सुलेमानी को राक्षस करार दिया। उन्होंने कहा कि उसे सब राक्षस बुलाते थे, वह एक राक्षस था, अब वह राक्षस नहीं रहा, वह मर गया। उन्होंने आगे कहा, ‘वह हम पर और दूसरे देशों पर एक बड़े और घातक हमले की योजना बना रहा था। हमने उसे रोक दिया।’

अमेरिकी रक्षा सचिव के सहायक ने दी हमले की जानकारी

सार्वजनिक मामलों के लिए अमेरिकी रक्षा सचिव के सहायक जोनाथन हॉफमैन ने बताया कि सात जनवरी को शाम 5.30 बजे (ईएसटी) ईरान ने इराक में अमेरिकी सेना और गठबंधन बलों पर एक दर्जन से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।

हॉफमैन ने कहा, यह स्पष्ट है कि ये मिसाइलें ईरान ने लॉन्च की थीं और कम से कम दो इराकी सैन्य बेसों अल-असद और इरबिल को निशाना बनाया जहां अमेरिकी सेना और गठबंधन सेना ठहरी है।

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