लुधियाना। पंजाब के लुधियाना जिले में “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” (PMGKY) के तहत गरीब व जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन और आवश्यक खाद्य सामग्रियां उपलब्ध कराने का काम बेहद तेज गति से चल रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर लखबीर सिंह संधू और कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा की संयुक्त अगुवाई में गठित विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की विभिन्न टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जिले के पात्र परिवारों तक उनके हिस्से का अनाज पहुंचाने में बड़ी सफलता हासिल की है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना जिले से संबंधित कुल 4,54,137 पंजीकृत राशन कार्ड धारकों में से 4,24,132 परिवारों को उनके हिस्से के मुफ्त गेहूं का वितरण सफलतापूर्वक मुकम्मल (पूरा) कर लिया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा लुधियाना जिले के साढ़े 4 लाख से अधिक लाभार्थी परिवारों के लिए इस त्रैमासिक अवधि हेतु कुल 25,159 मीट्रिक टन अनाज का भारी-भरकम कोटा जारी किया गया था। इस विशाल कोटे को पारदर्शी और सुचारू तरीके से आम जनता तक पहुंचाने के लिए जिले भर में सक्रिय 1,602 अधिकृत राशन डिपुओं के मार्फत वितरण का काम युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। विभागीय नीति और योजना के मानदंडों के मुताबिक, प्रत्येक राशन कार्ड धारक परिवार के प्रति सदस्य को 5 किलोग्राम प्रति महीना के हिसाब से 3 महीनों (1 अप्रैल से 30 जून तक) की कुल 15 किलोग्राम गेहूं पूरी तरह से मुफ्त मुहैया करवाई जा रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना जिले में गेहूं बांटने का यह विशाल कार्य अब तक 93.39 प्रतिशत मुकम्मल किया जा चुका है, जबकि शेष बचे हुए परिवारों को भी उनके हिस्से का अनाज देने के लिए विभाग की टीमें निरंतर जमीनी स्तर पर जुटी हुई हैं।
मुफ्त गेहूं के अतिरिक्त, पंजाब सरकार और खाद्य विभाग द्वारा गरीब परिवारों को वितरित की जा रही विशेष राशन किटों के संबंध में भी कंट्रोलर लखबीर सिंह संधू और कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा ने एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस कल्याणकारी योजना के तहत विभाग को राज्य मुख्यालय से अब तक 2,80,000 विशेष राशन किटें प्राप्त हो चुकी हैं। पोषण और दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई इन गुणवत्तापूर्ण किटों में दाल, नमक, चीनी, हल्दी पाउडर और शुद्ध सरसों का तेल जैसी जरूरी सामग्रियां शामिल हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इन प्राप्त किटों में से 2,51,000 पात्र परिवारों को उनके हिस्से की राशन किटें आदरपूर्वक भेंट की जा चुकी हैं और बाकी बची किटों का वितरण भी तेजी से किया जा रहा है।
राशन वितरण की भौगोलिक व्यवस्था और डिपुओं के नेटवर्क पर पूछे गए एक विशिष्ट सवाल के जवाब में दोनों नियंत्रकों (कंट्रोलर्स) ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लुधियाना जैसे बड़े औद्योगिक और घनी आबादी वाले जिले में वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए इसे दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है। वर्तमान में आम उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए अकेले लुधियाना ईस्ट (पूर्वी) इलाके में 923 राशन डिपो और लुधियाना वेस्ट (पश्चिमी) इलाके में 679 राशन डिपो का सफल संचालन किया जा रहा है। इन डिपुओं पर विभाग द्वारा कड़ा पर्यवेक्षण (निगरानी) रखा जा रहा है ताकि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे और केंद्र व राज्य सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।

