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लखीमपुर खीरी हिंसा: नवजोत सिंह सिद्धू ने खत्म किया अपना मौन व्रत

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लखीमपुर खीरी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के लखीमपुर खीरी हिंसा में क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के बाद अपना मौन व्रत समाप्त कर दिया है। वह मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष के पेश न होने तक मौत व्रत पर थे। सिद्धू लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारवालों से मुलाकात करने लखीमपुर पहुंचे थे। सिद्धू ने इस हिंसा में मारे गए लवप्रीत और पत्रकार रमन कश्यप के परिजनों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद सिद्धू रमन कश्यप के घर पर धरने पर बैठ गए थे और मौन व्रत धारण कर लिया था। सिद्धू ने धरने पर बैठने और मौन व्रत धारण करने के पहले उन्होंने कहा कि जब तक अजय मिश्रा के बेटे आशीष के ऊपर कार्रवाई नहीं होती, वो जांच में शामिल नहीं होता, मैं यहां भूख हड़ताल पर बैठूंगा।

सिद्धू ने धारण किया मौनव्रत

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मौनव्रत धारण करने के पहले कहा कि जबतक अजय मिश्रा के बेटे और लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के ऊपर कार्रवाई नहीं होती है, वो जांच में शामिल नहीं होता, वे यहां भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा इस बयान के बाद से मैं मौन हूं और किसी से कोई बात नहीं करेंगे। सिद्दू ने मौनव्रत लेने के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से घर वापस जाने की अपील भी की, उन्होंने कार्यकर्ताओं से लिखकर घर वापस जाने की अपील की।

सिद्धू ने यूपी सरकार पर साधा निशाना

नवजोत सिंह सिद्धू ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस हिंसा के आरोपियों को बचा रही है। आज अगर आप किसान आंदोलन को देखेंगे तो आपको पता लगेगा कि किसानों का सिस्टम से विश्वाश उठ गया है। मंत्री के बेटे और आरोपी आशिष मिश्रा को जांच में शामिल होना चाहिए। किसानों के संघर्ष में किसी नेता की भी आहुति होनी चाहिए। मैं अपने वचन का पक्का हूं, जब तक मंत्री अजय मिश्रा के बेटे पर कार्रवाई नहीं होती है तब तक में यहां पर हड़ताल पर बैठा रहूंगा।

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