कर्नाटक एंटी-करप्शन ब्यूरो

कर्नाटक एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सरकारी अफसरों के घरों पर मारा छापा

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नई दिल्ली। भ्रष्टाचार पर केंद्र सरकार ही नहीं राज्य सरकार भी कड़े कदम उठाने लगी है। हालिया मामला कर्नाटक का आया है। कर्नाटक एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सरकारी अफसरों के घरों पर छापेमारी की है। आय से अधिक संपत्ति मामले में यह छापेमारी की गई है। कर्नाटक एंटी-करप्शन ब्यूरो ने अपनी कारवाई के तहत राज्य में कई स्थानों पर छापेमारी की है।

इस छापेमारी से पहले कुछ दिन पहले एंटी-करप्शन ब्यूरो ने राज्य के सरकारी अफसरों की संपत्तियों की तलाशी ली थी। कर्नाटक विश्वविद्यालय धारवाड़ के केमिस्ट्री प्रोफेसर कल्लप्पा एम होसमनी, पीडब्लूडी के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उदय डी चब्बी, खान और भूविज्ञान विभाग के सहायक अभियंता महादेवप्पा जैसे बड़े सरकारी अफसरों के घरों में छापेमारी हुई है।

कर्नाटक एंटी-करप्शन ब्यूरो की कारवाई ऐसे समय पर हुई है जब राज्य में आई मोनेटरी एडवाइजरी (आईएमए) ज्वेल्स के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कर्नाटक की कंपनी आईएमए ज्वेल्स ने निवेशकों को भारी रिटर्न का झांसा देकर 2000 करोड़ रुपये जुटाए। पैसे मिलने के बाद से कंपनी का संस्थापक फरार है। इन दिनों कंपनी के फरार संस्थापक का ऑडियो क्लिप वायरल हो चुका है। इस वायरल ऑडियो में कांग्रेस विधायक रोशन बेग पर पैसे लेकर टिकट न देने का आरोप लगाया गया है।

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ऑडियो क्लिप में मंसूर खान का कहना है कि बेग ने उनसे टिकट दिलाने के नाम पर 400 करोड़ रुपये लिए और काम भी पूरा नहीं किया। खान ने कहा है कि अब बेग पैसे वापस नहीं कर रहे जिसकी वजह से उन्हें भारी घाटा हुआ है। बेग ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को झूठा बताया है। रोशन बेग जो कि कर्नाटक के शिवाजी नगर से कांग्रेस विधायक हैं, उन्हें पार्टी की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का कहना है कि बेग को ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के कारण निलंबित किया गया है।

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