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नौ वर्षों में यूपी पुलिस हुई हाईटेक, स्मार्ट पुलिसिंग और मजबूत कानून व्यवस्था से सुरक्षित बना प्रदेश

Yogi government

In nine years, the Yogi government has carried out extensive reforms to strengthen law and order.

लखनऊ: योगी सरकार (Yogi Government) ने पिछले नौ वर्षों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार और आधुनिकीकरण किये। है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग, आधुनिक तकनीक के उपयोग और मजबूत आधारभूत ढांचे के जरिए पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया गया है। जीरो टॉलरेंस की नीति, मिशन शक्ति जैसे अभियानों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के चलते आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित और निवेश के लिए अनुकूल राज्य के रूप में उभर रहा है।

प्रदेश में 134 नए थाने, 86 नई पुलिस चौकियां और 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र स्थापित किए गये

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है। प्रदेश में 134 नए थानों, 7 महिला थानों, 86 नई पुलिस चौकियों, 4 जल पुलिस चौकियों, 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र, 75 विद्युत निरोधक पुलिस थाने, 10 सतर्कता अधिष्ठान थाने, 4 आर्थिक अपराध इकाई थाने, 40 एचटीयू थाने, 73 साइबर क्राइम थाने और 6 नए नारकोटिक्स थानों की स्थापना की गई है। मानव तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 75 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को थानों में परिवर्तित किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता में वर्ष 2017 की तुलना में लगभग 10 गुना वृद्धि की गई है। वर्तमान में 60 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित की गई है।

पुलिस कर्मियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर संवाद शैली और बदलती चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सहयोग से कौशल आधारित “सक्षम पुलिसिंग” प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को अधिक दक्ष और संवेदनशील बनाना है। डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने सक्रिय किए गए हैं और जनपदीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की रैंकिंग में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में 48 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज कराई गई है। पुलिस कर्मियों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के लिए साइबर कमांडो तैयार किए गए हैं, जिन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी कानपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी मद्रास, राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही Cy-Train पोर्टल के माध्यम से 65,608 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

अपराधियों को मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सख्त सजा दिलाने के लिए 12 फॉरेंसिक लैब संचालित

योगी सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश में डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “यक्ष एप” का लोकार्पण किया गया। यह एप कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विश्लेषण की मदद से अपराधियों के डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद करता है। इसके अलावा UPCOP ऐप को Crime and Criminal Tracking Network & Systems योजना के तहत विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने सहित 27 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस एप को अब तक 50 लाख से अधिक नागरिक डाउनलोड कर चुके हैं और 2 करोड़ 10 लाख से अधिक प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। विशेष अभियान के माध्यम से चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापन का औसत समय भी 10–12 दिनों से घटाकर लगभग 6 दिन कर दिया गया है।

प्रदेश में अपराधों की वैज्ञानिक जांच को मजबूत बनाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं का भी तेजी से विस्तार किया गया है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 4 फॉरेंसिक लैब थीं, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। ये प्रयोगशालाएं लखनऊ, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद, झांसी, प्रयागराज, गोरखपुर, कन्नौज, बरेली, गोंडा, अलीगढ़ और मुरादाबाद में संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 6 नई प्रयोगशालाओं की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) की नई इकाइयों का भी गठन किया गया है। आजमगढ़, बस्ती, चित्रकूट, बांदा, देवरिया, गोंडा, मीरजापुर, सहारनपुर, अलीगढ़ और प्रयागराज जैसे क्षेत्रों में नई इकाइयों के लिए कार्यालय और मानव संसाधन की व्यवस्था की गई है।

स्मार्ट पुलिसिंग से प्रदेश सुरक्षा, सुशासन और निवेश के लिए भरोसेमंद प्रदेश के रूप में हो रहा स्थापित

प्रदेश में विधिक सुधारों के तहत केंद्रीय मॉडल नियम 2020 के अनुरूप उत्तर प्रदेश प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण नियमावली 2023 लागू की गई है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए आपराधिक कानूनों को भी प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। योगी सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश 2024 भी लागू किया है।

इन सभी प्रयासों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। स्मार्ट पुलिसिंग, तकनीक आधारित निगरानी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और निवेश के लिए एक भरोसेमंद राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।

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