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हेल्पलाइन 1912 बनी विद्युत उपभोक्ताओं का संबल, 2025-26 में करीब 99% शिकायतों का निस्तारण

1912

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लखनऊ: योगी सरकार उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। वहीं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (यूपीपीसीएल) हेल्पलाइन 1912 ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 98.88% शिकायतों का समाधान किया है। इसके साथ ही यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने जिम्मेदार अधिकारियों को 1912 की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

समाधान होने तक बंद नहीं होगी कोई शिकायत-

दरअसल उपभोक्ताओं की समस्याओं के तुरंत निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन प्रबंधन लगातार संवेदनशील है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया कि 1912 की निरंतर समीक्षा हर अधिकारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की जो भी शिकायतें आ रहीं हैं, उनको समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए। साथ ही कॉल को तब तक समाप्त न माना जाए जब तक उपभोक्ता संतुष्ट न हो जाए। 

समस्याओं के निस्तारण के लिए 1912 पर सूचना दें उपभोक्ता-

इसी तरह स्मार्ट मीटर के संदर्भ में 1912 पर विशेष व्यवस्था बनाई गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रतिदिन वह मानीटिंग करें और स्मार्ट मीटर के संदर्भ में आने वाली शिकायतों का तत्काल निस्तारण करें। इस संबंध में डॉ. गोयल ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही डॉ. गोयल ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि अपनी समस्याओं के बारे में 1912 पर सूचना दें। उनकी समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

बिल रिवीजन की 8,68,690 शिकायतों का निस्तारण-

हेल्पलाइन 1912 पर आने वाली शिकायतों पर नजर डाले तो 1 अप्रैल 2025 से 11 अप्रैल 2026 तक सभी डिस्कॉम में कुल 95,11,309 शिकायतें आई थी। जिसमें से 94,04,660 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। यह सभी शिकायतें डीवीवीएनएल, एमवीवीएनएल, पीयूवीवीएनएल, पीवीवीएनएल और केस्को डिस्कॉम में दर्ज की गई है। बिल रिवीजन को लेकर साल भर में कुल 8,87,131 शिकायतें आई, जिसमें से 8,68,690 शिकायतों का निस्तारण किया गया है।

अलग-अलग श्रेणी की शिकायतों का तेजी से समाधान-

इसी तरह मीटर से जुड़ी शिकायत भी काफी संख्या में आई थी। आंकड़ों की नजर से देखे तो 13,80,039 शिकायतें आई थी, जिसमें से 13,52,360 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर/प्री-पेड से जुड़ी कुल 2,32,424 शिकायतें दर्ज की गई थी, जिसमें से 2,28,943 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। इसमें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में स्मार्ट मीटर से जुड़ी 59,488 शिकायतें आई थी। जिसमें से 58,954 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। जबकि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) डिस्कॉम में कुल 56,463 शिकायतें आई थी। जिसमें से 54,832 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है।

ट्रांसफार्मर, भुगतान और नए कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान-

वहीं डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर से जुड़ी कुल 3,00,718 शिकायतें दर्ज की गई थी। जिसमें से 3,00,492 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। ऐसे ही भुगतान से जुड़ी कुल 1,94,926 शिकायतें आईं थीं, जिसमें से 1,78,637 शिकायतों का समाधान करके बंद कर दिया गया है। नए कनेक्शन से जुड़ी कुल 52,029 शिकायतें आईं थीं। इसमें से 49,591 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। इसी तरह विद्युत आपूर्ति से जुड़ी 54,88,834 शिकायतें आईं थीं, जिसमें से 54,82,015 शिकायतों का समाधान कर लिया गया है।

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