लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक विकास से जोड़ने की नीति के तहत गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) अब एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर (आईएमएलसी) के रूप में विकसित हो रहा है।
इस एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) कम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल तेज आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि हर जिले की स्थानीय विशेषताओं को उद्योग और बाजार से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे 12 आईएमएलसी नोड्स प्रत्येक जिले में अलग-अलग सेक्टर पर केंद्रित हैं, जिससे क्षेत्रीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। मेरठ से शुरुआत, कनेक्टिविटी और डेटा इकोनॉमी का हब गंगा एक्सप्रेसवे का प्रारंभिक बिंदु मेरठ के बिजौली गांव से है, जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़कर राष्ट्रीय राजधानी से सीमलेस कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
यह कनेक्टिविटी मेरठ को डेटा सेंटर, वेयरहाउसिंग और स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री के बड़े हब के रूप में विकसित कर रही है। दिल्ली की निकटता के कारण यहां लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है, जिससे रोजगार और निवेश दोनों में वृद्धि हो रही है।
हापुड़: धार्मिक पर्यटन और एग्रो प्रोसेसिंग का संगम हापुड़ में एक्सप्रेसवे गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) को सीधे जोड़ता है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। यहां विशेष इंटरचेंज विकसित किए गए हैं, ताकि पर्यटकों की आवाजाही आसान हो सके। साथ ही, यह क्षेत्र आलू और अन्य फसलों के लिए प्रसिद्ध है, जिसके चलते कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित किए जा रहे हैं। इससे किसानों को बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध होगा।
बुलंदशहर: एयरपोर्ट लिंक से सप्लाई चेन हब बुलंदशहर की सबसे बड़ी ताकत इसकी लोकेशन है, जो जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बेहद करीब है। इससे यह जिला एक प्रमुख सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां बड़े इंडस्ट्रियल क्लस्टर और डेयरी आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
अमरोहा: हस्तशिल्प से ग्लोबल एक्सपोर्ट तक अमरोहा अपने पारंपरिक ढोलक और लकड़ी के हस्तशिल्प के लिए देशभर में पहचान रखता है, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने के साथ यह पहचान अब वैश्विक बाजारों तक विस्तार लेने जा रही है। बेहतर और तेज कनेक्टिविटी से यहां के उत्पाद सीधे बड़े शहरों और अंतर्राष्ट्रीय निर्यात चैनलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों की आय और बाजार दोनों का दायरा बढ़ेगा। इसके साथ ही आम और गन्ना उत्पादन की मजबूत आधारभूमि वाले इस जिले में एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट्स को प्रोत्साहन मिल रहा है, जो अमरोहा को हस्तशिल्प के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग का उभरता हुआ इंडस्ट्रियल हब बना रहा है।
संभल: पिछड़े क्षेत्र से उभरता आर्थिक केंद्र संभल, जो अब तक सीमित कनेक्टिविटी के कारण विकास की दौड़ में पीछे था, गंगा एक्सप्रेसवे के साथ तेजी से उभरते आर्थिक नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। यहां के प्रसिद्ध ‘हॉर्न और बोन’ क्राफ्ट को अब आधुनिक लॉजिस्टिक्स और बेहतर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए सीधे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है।
इससे न सिर्फ उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों को बेहतर दाम, स्थायी रोजगार और वैश्विक पहचान मिलने का रास्ता भी खुलेगा। संभल अब परंपरा से प्रगति की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है।
बदायूं: इंडस्ट्रियल टाउनशिप और नई संभावनाएं बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के किनारे विकसित हो रही विशाल इंडस्ट्रियल टाउनशिप जिले की तस्वीर बदलने की दिशा में निर्णायक कदम है। बेहतर और तेज कनेक्टिविटी ने यहां उद्योगों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों में भी निजी निवेश को तेजी दी है।
नए कॉलेज, अस्पताल और सर्विस सेक्टर के विस्तार के साथ बदायूं अब पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर एक उभरते हुए शहरी और आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। शाहजहांपुर: सामरिक मजबूती और रोजगार शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण इस जिले को रणनीतिक दृष्टि से नई पहचान दे रहा है, जहां आवश्यकता पड़ने पर फाइटर जेट्स की लैंडिंग संभव होगी। गंगा एक्सप्रेसवे के साथ यह संयोजन न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि विकास के नए द्वार भी खोल रहा है। साथ ही, यहां स्थापित किए जा रहे कौशल विकास केंद्र स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देकर उन्हें औद्योगिक अवसरों से जोड़ रहे हैं, जिससे शाहजहांपुर तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
हरदोई: कॉरिडोर का केंद्रीय विकास बिंदु हरदोई से गुजरता गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) का सबसे लंबा हिस्सा इसे इस मेगा कॉरिडोर का रणनीतिक केंद्र बना देता है। यहां प्रस्तावित नॉलेज पार्क और टेक्सटाइल पार्क जिले को औद्योगिक पहचान देने की दिशा में बड़े कदम हैं, जो निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। वहीं बेहतर और तेज कनेक्टिविटी से किसानों के लिए भी बड़ा बदलाव आएगा। अब उनकी उपज दिल्ली और लखनऊ की मंडियों तक रिकॉर्ड समय में पहुंच सकेगी, जिससे लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।
उन्नाव: ट्राई-सिटी मॉडल और औद्योगिक विस्तार उन्नाव अब लखनऊ और कानपुर के साथ मिलकर एक सशक्त “ट्राई-सिटी इकोनॉमिक मॉडल” के रूप में उभर रहा है, जो पूरे क्षेत्र को औद्योगिक और व्यावसायिक गति देने जा रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) की बेहतर कनेक्टिविटी से खासतौर पर कानपुर के लेदर उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा। अब तैयार उत्पाद तेजी से राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। रायबरेली: औद्योगिक गलियारे का विस्तार रायबरेली में लालगंज रेलवे कोच फैक्ट्री के आसपास एंसिलरी (ancillary) इंडस्ट्रीज का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम आकार ले रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से मिली बेहतर कनेक्टिविटी ने इस विकास को नई गति दी है। अब यह जिला प्रमुख हाईवे और औद्योगिक कॉरिडोर से सीधे जुड़कर निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। परिणामस्वरूप, यहां नए उद्योग, सप्लाई चेन यूनिट्स और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, जो रायबरेली को एक उभरते औद्योगिक हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
*प्रतापगढ़: एग्रो ब्रांडिंग और शहरी विस्तार*
प्रतापगढ़ का प्रसिद्ध आंवला अब गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के साथ वैश्विक बाजारों तक तेजी से पहुंचने को तैयार है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को मिल रहे प्रोत्साहन से यहां एग्रो-वैल्यू चेन मजबूत हो रही है, जिससे उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
इसके साथ ही, एक्सप्रेसवे इंटरचेंज के आसपास रियल एस्टेट और वाणिज्यिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार हो रहा है, जो प्रतापगढ़ को एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रियल हब के रूप में नई पहचान दे रहा है।
प्रयागराज: पर्यटन, न्याय और कमर्शियल हब का संगम प्रयागराज के जुदापुर डांडू गांव पर गंगा एक्सप्रेसवे का समापन इस शहर को कनेक्टिविटी के नए शिखर पर पहुंचा रहा है। कुंभ और माघ मेले जैसे वैश्विक आयोजनों के दौरान अब श्रद्धालुओं को जाम और लंबी यात्रा से राहत मिलेगी, जबकि हाई कोर्ट और विश्वविद्यालयों से जुड़े लोगों के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आवागमन बेहद सहज हो जाएगा। इसके साथ ही यहां प्रस्तावित विशाल कमर्शियल हब प्रयागराज को आस्था के साथ-साथ व्यापार और सेवाक्षेत्र का भी मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

