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गैस एजेंसी स्वामी की संलिप्तता पर सीधे जेल के निर्देश, होम डिलीवरी अनिवार्य

Jail instructions on involvement of gas agency owner

Jail instructions on involvement of gas agency owner

देहरादून। जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण और बैकलॉग की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला प्रशासन की क्यूआरटी, संबंधित अधिकारी, गैस एजेंसियों (Gas Agency) के स्वामी एवं तेल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों की हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए। होम डिलीवरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक एजेंसी पर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की नियमित रिपोर्ट देंगे।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के कारण लगभग 25 हजार मैन्युअल गैस वितरण की प्रविष्टियां लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्रविष्टियां आज ही सॉफ्टवेयर पर अपडेट की जाएं, अन्यथा संबंधित एजेंसियों और तेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 25 और 45 दिन की एडवांस बुकिंग का पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी को दिए गए।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देशित किया कि छापेमारी में पकड़े जा रहे सिलेंडरों की ट्रेसिंग कर संबंधित गैस एजेंसी (Gas Agency) की पहचान की जाए और संलिप्त पाए जाने पर एजेंसी स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।

जिले में 70 गैस एजेंसियों (Gas Agency) के निरीक्षण के लिए क्यूआरटी टीम गठित की गई है, जिसमें 30 अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी प्रतिदिन स्टॉक, आपूर्ति और वितरण का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी एजेंसी या गोदाम से सीधे सिलेंडर न दिए जाएं, बल्कि केवल ओटीपी आधारित होम डिलीवरी के माध्यम से ही आपूर्ति हो।

जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से कालाबाजारी करने वालों में भय का माहौल है। अब तक 5 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 3 आरोपियों को जेल भेजा गया है। साथ ही 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक और 7 छोटे सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

आज सहस्त्रधारा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 15 घरेलू सिलेंडर होटल-ढाबों से जब्त किए गए। वहीं, 200 सिलेंडर उपभोक्ताओं के पास खाली सिलेंडर न होने के कारण वापस एजेंसियों को लौटाए गए, जिससे बैकलॉग की स्थिति प्रभावित हुई।

जिले में अब तक 415 औचक निरीक्षण किए जा चुके हैं। कंट्रोल रूम के माध्यम से गैस आपूर्ति से संबंधित 35 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका निस्तारण किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 94 हजार घरेलू सिलेंडरों का बैकलॉग है, जबकि 42,848 घरेलू और 1,658 व्यवसायिक सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

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