पटना। बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे लागू करने का मुद्दा उठा। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर सात दिनों के भीतर निर्णय लेगी और अंतिम फैसला लेने से पहले शिक्षकों, विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे।
प्रश्नकाल के दौरान विधान पार्षद नवल किशोर यादव, संजीव सिंह और जीवन कुमार ने सरकार से पूछा कि सरकारी विद्यालयों में शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई कब से लागू की जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को भी ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार शीघ्र बैठक कर सभी संबंधित पक्षों के सुझावों पर विचार करेगी, ताकि ऐसा निर्णय लिया जा सके जो विद्यार्थियों के हित में हो और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल स्कूलों के समय में बदलाव करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले सभी पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा। शिक्षकों और विद्यार्थियों की राय भी इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग जल्द ही इस विषय पर बैठक कर सकता है। बैठक में विद्यालयों की वर्तमान व्यवस्था, विद्यार्थियों की सुविधा, शिक्षकों के सुझाव और शनिवार को होने वाली पढ़ाई के शैक्षणिक प्रभाव का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाने का दावा कर रही है। शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों के बीच अब शनिवार को हाफ डे व्यवस्था का मुद्दा भी सरकार के विचाराधीन है। मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि इस संबंध में अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है, लेकिन अगले सात दिनों के भीतर सरकार अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।

