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गिरिराजजी की परिक्रमा में श्रद्धालुओं का रेला, प्रशासन हाई अलर्ट पर

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ब्रज के हृदयस्थल गोवर्धन में विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा (Govardhan Parikarma) के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा धाम ‘राधे-राधे’ और ‘गिरिराज महाराज की जय’ के जयघोष से सराबोर है।

देवशयनी एकादशी से शुरू होकर 30 जुलाई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय धार्मिक मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हैं। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए गोवर्धन नगर में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाकर वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) लागू किए गए हैं तथा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है।

मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्रकाश और भंडारों के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिक्रमा मार्ग के प्रमुख स्थलों जैसे दानघाटी मंदिर, मानसी गंगा, राधाकुंड, जतीपुरा और पुछरी में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस बार भीड़ नियंत्रण और जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग पर दंडवत प्रणाम करने पर रोक लगा दी है; श्रद्धालु अब केवल खड़े होकर हाथ जोड़कर प्रणाम कर सकेंगे।

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न अस्थायी शिविर लगाए हैं और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राधाकुंड व आसपास के मंदिरों, कुंडों और आश्रमों को भव्य रोशनी से सजाया गया है, जहां गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में धार्मिक अनुष्ठान, श्रीमद्भागवत कथाएं और अखंड संकीर्तन आयोजित किए जा रहे हैं।

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