कोरोना वैक्सीन: FDA ने मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन के बूस्टर डोज को दी मंजूरी

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वाशिंगटनअमेरिका ने कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में एक और कदम बढ़ाया है। अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक (एफडीए) ने मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज को मंजूरी दे दी है। इसे दो डोज वाली मॉडर्ना वैक्सीन के बाद तीसरी डोज के तौर पर और एक डोज वाली जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की दूसरी डोज के तौर पर दिया जाएगा। सरकार का ये कदम कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है।

इसके साथ ही एजेंसी ने लोगों को अलग-अलग कोविड-19 वैक्सीन से बने शॉट लगाने की मंजूरी भी दे दी है, जिसे ‘मिक्स एंड मैच’ कहा जाता है। अब अमेरिका में लोग बूस्टर के तौर पर किसी भी वैक्सीन का डोज ले सकते हैं। यानी अगर आपने वैक्सीनेशन की दोनों डोज किसी अन्य टीका का लगवाया है तो ये जरूरी नहीं कि बूस्टर डोज भी उसी वैक्सीन का हो। अमेरिका में बूस्टर डोज अब आप किसी भी कंपनी की वैक्सीन का ले सकते हैं। इससे अमेरिकी लोग जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन लगवाने के लिए भी प्रेरित होंगे।

एफडीए ने दी जानकारी

एफडीए ने बूस्टर डोज के बारे में जानकारी दी है। जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वैक्सीन की एक बूस्टर डोज 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों सिंगल शॉट्स मिलने के पूरा होने के कम से कम दो महीने बाद दी जा सकती है।

मॉडर्ना वैक्सीन की तीसरी खुराक यानी बूस्टर डोज लेने के लिए फिलहाल व्यक्तियों की आयु 65 वर्ष और उससे अधिक होनी चाहिए, क्योंकि इस उम्र के लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक है। हालांकि मॉडर्ना कोविड-19 बूस्टर खुराक 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों को भी दी जा सकती है लेकिन वह फ्रंटलाइन वर्कर्स होने चाहिए। या फिर ऐसे लोगों को दी जा सकती है जो यूएस एफडीए की विज्ञप्ति के अनुसार कोरोना संक्रमण के उच्च जोखिम में हैं। मॉडर्ना वैक्सीन की तीसरी खुराक पात्र व्यक्तियों को स्वीकृत कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक मिलने के कम से कम छह महीने बाद दी जानी है।

पहले फाइजर को दी थी मंजूरी

इससे पहले अमेरिका ने 65 वर्ष अधिक उम्र के लोगों को फाइजर कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज को मंजूरी दी थी। अमेरिका ने फाइजर के 16 साल से अधिक उम्र वालों के लिए बूस्टर डोज देने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था। हालांकि इस बार किसी एक बूस्टर डोज के मुकाबले दूसरे को कमजोर या बेहतर नहीं बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, एफडीए की कार्यवाहक आयुक्त डॉक्टर जैनेट वुडकुक ने बताया, ‘हम किसी एक वैक्सीन को तरजीह देने की सिफारिश नहीं करते हैं। हमें लगता है कि अगर मरीजों के मन में कोई सवाल आता है, तो उन्हें अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

 

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