अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में कांग्रेस (Congress) के रेलवे रोड स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश सह प्रभारी तौकीर आलम की मौजूदगी में आयोजित एक संगठनात्मक समीक्षा बैठक के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच जमकर लात-घूंसे और जूते-चप्पल चले। इस हाई-प्रोफाइल जूतम-पैजार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और अनुशासनहीनता को सरेआम उजागर कर दिया है।
घटनाक्रम के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम और पूर्व विधायक विवेक बंसल की उपस्थिति में जिला, महानगर और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक चल रही थी। इसी दौरान मुख्य कक्ष के बाहर खड़े कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष शाहिद गुड्डू और सेवादल के पूर्व जिला संगठक आलोक गौड़ के साथ आए सोनू वाल्मीकि नाम के युवक के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि सोनू ने बातचीत के दौरान कोई धार्मिक अपशब्द कह दिया, जिसका शाहिद गुड्डू ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि सोनू ने जिला उपाध्यक्ष के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसके जवाब में शाहिद गुड्डू ने भी अपना जूता निकालकर सोनू पर हमला बोल दिया। हंगामा बढ़ता देख कार्यालय में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने सोनू को ‘बाहरी’ बताते हुए धक्का देकर परिसर से बाहर खदेड़ दिया।
विवाद यहीं नहीं थमा; जब पीड़ित जिला उपाध्यक्ष शाहिद गुड्डू अपनी शिकायत लेकर मुख्य कक्ष के अंदर राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम के पास पहुंचे, तो उन्होंने वहां खड़े वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक गौड़ पर इस पूरी मारपीट को साजिश के तहत अंजाम दिलवाने का आरोप मढ़ दिया। गुस्से में आकर शाहिद गुड्डू ने राष्ट्रीय सचिव के ठीक सामने ही आलोक गौड़ पर भी जूता तान दिया और दे मारा। अंदर मौजूद आला नेताओं के सामने हुई इस अप्रत्याशित हरकत से बैठक में हड़कंप मच गया, जिसके बाद राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम और पूर्व विधायक विवेक बंसल ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी को जमकर फटकारा और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सख्त चेतावनी दी, तब जाकर मामला बमुश्किल शांत हुआ।
इस पूरे फसाद के बाद अब यह मामला थाने तक पहुंच चुका है। चंदनिया के निवासी सोनू वाल्मीकि ने जिला उपाध्यक्ष शाहिद गुड्डू और तीन-चार अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गांधीपार्क थाने में लिखित तहरीर दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अनुसूचित जाति के नए कांग्रेस प्रभारी के सामने उनके साथ मारपीट की गई। गांधीपार्क के थाना इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिल चुकी है और मामले की गहन जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस शर्मनाक घटना पर कांग्रेस के भीतर ही बयानों का दौर शुरू हो गया है और नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ठाकुर सोमवीर सिंह ने मारपीट करने वाले युवक सोनू को पूरी तरह बाहरी बताते हुए कहा कि वह पार्टी का कार्यकर्ता नहीं है और उसने साजिशन विवाद खड़ा किया, जिसके बाद अब भविष्य में बैठकों में बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद ली जाएगी। वहीं, महानगर अध्यक्ष नवेद खां ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सोनू को सीधे तौर पर ‘भाजपाई’ करार दिया और कहा कि वह विपक्ष की साजिश के तहत माहौल बिगाड़ने आया था।
दूसरी तरफ, मामले के केंद्र में रहे नेताओं के दावों में भारी विरोधाभास दिख रहा है। जिला उपाध्यक्ष शाहिद गुड्डू का कहना है कि वे 30 साल से पार्टी के वफादार सिपाही हैं और आलोक गौड़ के साथ आए युवक ने जानबूझकर धार्मिक अपशब्द कहे। इसके उलट, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक गौड़ ने जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए साफ किया कि सोनू वाल्मीकि कोई बाहरी नहीं बल्कि उनके सेवादल कार्यकाल में बकायदा कार्यालय सचिव रहा है और वह एक सच्चा कांग्रेस कार्यकर्ता है। इस पूरे हंगामे पर राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने दोटूक कहा है कि जिलाध्यक्ष स्तर से जांच कराई जा रही है और किसी भी सूरत में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और आम जनता द्वारा कांग्रेस की इस अंतर्कलह पर तरह-तरह के तंज कसे जा रहे हैं।

