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‘सीएम युवा’ योजना से मिल रहे युवाओं के सपनों को पंख, लखीमपुर के उमंग बने सफल उद्यमी

CM Yuva Yojana

CM Yuva Yojana

लखनऊ। योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि युवा केवल नौकरी की तलाश करने वाले न बनें, बल्कि स्वयं उद्यम स्थापित कर रोजगार देने वाले बनें। इसी सोच के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। यह विजन आज जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। लखीमपुर खीरी के सिविल लाइन्स निवासी उमंग शुक्ला ने योगी सरकार के इसी विजन को साकार कर दिखाया है। 

उमंग शुक्ला ने सरकारी योजना का लाभ लेकर अपनी आयल मिल स्थापित की। उन्होंने बताया कि जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से नवंबर 2025 में ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ (CM Yuva Yojana) के तहत 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने उनके सपनों को साकार करने का रास्ता खोला। उन्होंने सरसों के तेल का उद्योग शुरू किया और आज वे प्रतिदिन 10 से 15 क्विंटल सरसों की पेराई कर रहे हैं। उनके उद्योग में तैयार होने वाला तेल स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी बेचा जा रहा है। उनका यह उद्योग न केवल उनके लिए आय का स्रोत बना है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बना है। उनके उद्योग में वर्तमान में 5 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। वे हर महीने लगभग 500 से 600 लीटर सरसों तेल की बिक्री करते हैं। जिससे उन्हें कुल लागत के बाद लगभग 70 हजार रुपये मासिक शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से मिल रहा बड़ा अवसर-

आज योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं हैं, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित और उज्ज्वल बना रहीं हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ (CM Yuva Yojana) प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरी है। इस योजना के तहत युवाओं को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओ को वित्तीय सहायता और अन्य सहयोग प्रदान करना है|

इस योजना (CM Yuva Yojana) के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा पात्र आवेदकों को विनिर्माण क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए अधिकतम ₹25 लाख तथा सेवा क्षेत्र आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का ऋण दिया जाता है। इसका उपयोग प्लांट एवं मशीनरी, कच्चे माल के क्रय, कार्यशील पूंजी और अन्य सम्बंधित व्यय के लिए किया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी लेकर आवेदन कर सकता है।

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