लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंगलवार को प्रदेश के 25 जनपदों में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र द्वारा सीएम युवा हेल्पडेस्क (CM Yuva Help Desk) का सफल आयोजन किया गया, जिसमें यूपीकॉन (UPICON) द्वारा संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY) तथा एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) प्रशिक्षण कार्यक्रम ने भी संयुक्त रूप से भागीदारी की। इस दौरान हजारों प्रशिक्षणार्थियों ने विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया और महज कुछ ही घंटों में एक हजार से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों ने उद्यम स्थापित करने में रुचि दिखाते हुए योजना का लाभ लेने के लिए अपना आवेदन भी कर दिया।
बड़ी संख्या में स्वरोजगार से जुड़ रहे युवा
यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह ने बताया कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में आयोजित यह वृहद कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महाआयोजन के दौरान कुल 1072 इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना (CM Yuva Help Desk) के अंतर्गत आवेदन किया। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार की नीतियों और योजनाओं से प्रेरित होकर युवा अब स्वरोजगार और उद्यम स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ है कि योगी सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं और उत्तर प्रदेश को उद्यमिता और रोजगार सृजन का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
बैंकों और विशेषज्ञों ने दिया व्यावहारिक मार्गदर्शन
उन्होंने बताया कि गौतमबुद्धनगर, बाराबंकी, बांदा, औरैया समेत प्रदेश के 25 जनपदों में आयोजित इस कार्यक्रम में वित्तीय विशेषज्ञों और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रशिक्षणार्थियों को सीएम युवा योजना (CM Yuva Help Desk) से संबंधित आवेदन प्रक्रिया, ऋण सुविधा, पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को उद्योग शुरू करने से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
आत्मनिर्भर यूपी के लक्ष्य को मिल रही मजबूती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को उद्यमशीलता से जोड़कर सरकार उन्हें रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

