गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने नूंह जिले के जलभराव प्रभावित गांवों को बड़ी राहत देते हुए गुड़गांव कैनाल/राजस्थान लिंक कैनाल के साथ 50 शैलो ट्यूबवेल लगाने के लिए 621.90 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इससे हजारों एकड़ जमीन फिर से खेती योग्य हो सकेगी और किसानों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से छुटकारा मिलेगा।
यह फैसला मुख्यमंत्री घोषणा के तहत लिया गया है। यह परियोजना ग्राउंड वॉटर डेवलपमेंट एवं अन्य संबंधित गतिविधियां योजना के अंतर्गत लागू की जाएगी। परियोजना की निगरानी के लिए चीफ इंजीनियर/वाईडब्ल्यूएस तथा अधीक्षण अभियंता, वाईडब्ल्यूएस सर्कल फरीदाबाद के कार्यालय को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
15 से ज्यादा गांव सालों से जलभराव से प्रभावित
नूंह जिले के करीब 15 से अधिक गांव लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। इन क्षेत्रों में पानी का स्तर लगातार ऊपर रहने के कारण खेतों में पानी खड़ा रहता है। इससे हजारों एकड़ भूमि बंजर पड़ी है और किसान फसल नहीं उगा पा रहे। हर सीजन में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। मंगलवार को सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गुड़गांव कैनाल/राजस्थान लिंक कैनाल के साथ 50 शैलो ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इन ट्यूबवेलों के जरिए अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित होगी। इससे जलभराव की समस्या घटेगी और बंजर पड़ी जमीन दोबारा खेती लायक बन सकेगी। प्रभावित गांवों के किसान फिर से अपनी जमीन पर गेहूं, धान, सरसों जैसी फसलें उगा पाएंगे।
इस परियोजना से सिर्फ जलभराव ही खत्म नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र में भूजल प्रबंधन भी मजबूत होगा। अतिरिक्त पानी को निकालकर सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे भूजल स्तर संतुलित होगा और आसपास के इलाकों में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी।
सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस परियोजना से नूंह के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
ट्यूबवेल लगाने का काम जल्द शुरू होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गुणवत्ता के साथ तय समय में काम पूरा किया जाए ताकि अगले सीजन से किसानों को लाभ मिलना शुरू हो जाए।

