चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान द्वारा हाल ही में किए गए बड़े संगठनात्मक फेरबदल और विभिन्न चुनावी कमेटियों के गठन के बाद राज्य कांग्रेस में आंतरिक कलह और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों की घोषणा के बाद से ही कई दिग्गज नेता अपनी उपेक्षा से नाराज नजर आ रहे हैं। इस सूची में जहां चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुलकर आलाकमान के फैसले पर अपनी गंभीर नाराजगी जाहिर की है, वहीं कई अन्य वरिष्ठ नेता पर्दे के पीछे से असंतुष्टों को लामबंद कर पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
इस पूरे संगठनात्मक बदलाव में सबसे चौंकाने वाली नाराजगी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) की ओर से सामने आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी द्वारा उन्हें ‘कैंपेन कमेटी’ (चुनाव प्रचार समिति) का चेयरपर्सन बनाए जाने के फैसले से वे कतई खुश नहीं हैं। नियुक्ति के बाद से ही पूर्व सीएम चन्नी ने पूरी तरह से खामोशी अख्तियार कर रखी है और उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मीडिया से भी एक निश्चित दूरी बना ली है। सूत्रों का दावा है कि चन्नी ने आज रोपड़ जिले के मोरिंडा स्थित अपने निजी आवास पर समर्थकों और करीबी नेताओं की एक बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक को चन्नी के एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें पंजाब के लगभग 40 विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेसी इंचार्ज और विशेषकर मालवा क्षेत्र के सैकड़ों प्रमुख कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस गोपनीय बैठक में चन्नी समर्थकों की राय जानकर अपनी अगली राजनीतिक रणनीति और रुख को अंतिम रूप देंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पिछले दिनों कई अहम कमेटियों की घोषणा की थी, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा इस प्रकार किया गया है:
प्रदेश संगठन और विधायक दल: आलाकमान ने साफ किया है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे, जबकि वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता के रूप में बने रहेंगे।
चुनावी कमेटियां: पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। वहीं, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला को ‘इलेक्शन मैनेजमेंट एंड को-ऑर्डिनेशन कमेटी’ (चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति) की कमान सौंपी गई है।
कोर और मैनिफेस्टो कमेटी: पंजाब कांग्रेस की सबसे शक्तिशाली ‘कोर कमेटी’ का अध्यक्ष पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को बनाया गया है, जबकि सांसद डॉ. अमर सिंह को ‘मैनिफेस्टो कमेटी’ (घोषणा पत्र समिति) का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।
पार्टी में संतुलित समीकरण बिठाने के उद्देश्य से किए गए इस भारी फेरबदल के बावजूद, वरिष्ठ नेताओं और उनके समर्थकों में पद और कद को लेकर पैदा हुआ यह ताजा विवाद कांग्रेस के लिए चुनावी तैयारियों के बीच एक नई मुसीबत खड़ी कर सकता है।

