लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक कचरे से मुक्त (Plastic Free) बनाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। मिशन क्लीन यूपी के तहत प्रदेश में कुल 282 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस मेगा प्लान के जरिए यूपी को प्लास्टिक कचरे (Plastic Waste) से मुक्त राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो चुकी है।प्रदेश में अब तक 103 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों (Plastic Waste Management Units) का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 132 यूनिटों का काम तेजी से निर्माणाधीन है। शेष इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा। इन यूनिटों के जरिए प्लास्टिक कचरे का संग्रहण, छंटाई और वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता को भी नई मजबूती मिलेगी और कचरे से कंचन की अवधारणा साकार होगी।
प्लास्टिक कचरा (Plastic Waste) खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा-
पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार के इस अभियान के तहत 304 विकास खंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था शुरू हो चुकी है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में 515 विकास खंड नगरीय मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) से आच्छादित किए जा चुके हैं। इसका सीधा असर यह होगा कि प्लास्टिक कचरा खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
सभी विकास खंडों में होगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत श्रृंखला-
योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी विकास खंडों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (Plastic Waste Management) की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय निकायों तक एकीकृत मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना न सिर्फ स्वच्छता अभियान को गति देगी, बल्कि प्रदेश को प्लास्टिक से मुक्ति भी देगी।
स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में मिलेगी नई पहचान-
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों (Plastic Waste Management Units) के माध्यम से जहां एक ओर पर्यावरण को प्रदूषण से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योगी सरकार का यह मेगा प्लान उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में एक नई पहचान दिलाने जा रहा है।

