शपथ से पहले कमलनाथ के लिए पड़ा रंग में भंग,सीएम पद के लिए उठे सवाल

529 0

नई दिल्ली। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख दंगों के मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई।1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में बड़ी संख्या में सिखों को मारा गया था। दंगे भड़काने के आरोप सज्जन कुमार और कमलनाथ पर लगे थे। दंगा पीड़ित लोगों ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। कमलनाथ पर आरोप है कि दंगों के दौरान उन्होंने न केवल भीड़ का संचालन किया बल्कि गुरुद्वारे रकाब गंज की घेराबंदी के दौरान वहां दो घंटे तक मौजूद रहे।

वहीँ कांग्रेस के लिए आज का दिन एक तरफ खुशी का तो दूसरा तरफ गम का माहौल लेकर आया है। एक तरफ आज पार्टी के तीन बड़े नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को सिख दंगों का आरोपी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। ऐसे में मध्यप्रदेश की कमान संभालने वाले कमलनाथ दंगों के आरोप में एक बार फिर घिर गए हैं।

साथ ही कमलनाथ ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताया था। उनका कहना है कि वह पार्टी के कहने पर वहां भीड़ को हमला करने से रोकने के लिए गए थे। सज्जन सिंह के दोषी करार होने और सजा मिलने के बाद भाजपा को कांग्रेस पर हमला करना का एक मौका मिल गया है। कमलनाथ के हाथ में मध्यप्रदेश की कमान दिए जाने के ऐलान के बाद से ही शिरोमणी अकाली दल, शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा ने इसका काफी विरोध किया था।

बता दें कि इस मामले पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। हम में से कई जो इसके गवाह हैं, यह शायद सबसे वीभत्स प्रकार का नरसंहार था जिसे हमने देखा था। कांग्रेस की सरकार उस दौरान लगातार इसे छुपाने की कोशिश कर रही थी। इसे रफा-दफा करने की कांग्रेस की साजिश असफल हो गई है। सज्जन कुमार 1984 में हुए दंगों का प्रतीक रहा है। सिख दंगों की विरासत कांग्रेस और गांधी परिवार की गर्दन के चारों ओर लटकी हुई है।’सज्जन कुमार को 1984 के दंगों में दोषी करार दिए जाने पर वित्तमंत्री ने कहा, ‘यह विडंबना है कि ये आया उस दिन है कि जब सिख समाज जिस दूसरे नेता को दोषी मानता है, कांग्रेस उसे मुख्यमंत्री की शपथ दिला रही है।’ इसी बीच दिल्ली में कमलनाथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

एक तरफ जहाँ कमलनाथ मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने हो तैयार हैं वही उनके खिलाफ सिख समुदाय प्रदर्शन कर रहा है और उन्हे सीएम पद पर न बैठने की मांग कर रहा है। जिससे कमलनाथ और काँग्रेस के लिए रंग में भंग पड़ गई है।

Related Post

Rahul Gandhi

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- ‘अंधे ‘सिस्टम’ का सच दिखाते चलो’

Posted by - April 28, 2021 0
नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus In India) के बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र…
कोरोनावायरस

सीएम योगी ने लिया बड़ा फैसला, लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू

Posted by - January 13, 2020 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ ने आज सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया हैं। सीएम योगी ने लखनऊ व…

यूपी में 50 कांग्रेस नेताओं का टिकट कन्फर्म, प्रियंका ने फोन करके कहा- चुनाव की तैयारी करिए

Posted by - June 21, 2021 0
यूपी में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस तैयारियों में जुट गई है, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रदेश के भीतर…