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ATS को मिले सबूत, UP में बांग्लादेशियों की कराई जा रही घुसपैठ

Bangladeshi Rohingya Case

Bangladeshi Rohingya Case

लखनऊ। अलीगढ़, उन्नाव, बलरामपुर, मेरठ, कानपुर नगर, सहारनपुर समेत कई जिलों में घुसपैठियों (Bangladeshis) के पहचान बदलकर रहने की जानकारियां सामने आने के बाद अब खुफिया तंत्र की सक्रियता भी बढ़ा दी गई है। सिंडीकेट के तहत कमीशन वसूलकर रोह‍िंग्या और बांग्लादेशियों (Bangladeshis) को सूबे में लाया जा रहा है। मोटा कमीशन लेकर उन्हें यहां कारखानों में काम दिलाया जा रहा है।

सहारनपुर से बांग्लादेशी उमर मुहम्मद उस्मानी और उसके बेटे तनवीर से पूछताछ के बाद पहली बार हाथ आए ठोस सुबूतों के आधार पर एटीएस अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है। इन्हीं सुरागों के आधार पर एटीएस ने वेशभूषा बदल कर यहां रह रहे रोह‍िंग्या और बांग्लादेशियों (Bangladeshis) के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर दिया है।

अलीगढ़ और उन्नाव से रोह‍िंग्या की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने सहारनपुर से बांग्लादेशी (Bangladeshis) उमर मुहम्मद उस्मानी और उसके बेटे तनवीर को गिरफ्तार किया है। दोनों यहां पहचान बदलकर रह रहे थे। पिता-पुत्र को एटीएस ने शनिवार को लखनऊ की कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एटीएस ने दोनों की पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल करने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।

संतकबीरनगर में रोह‍िंग्या परिवार की चल रही जांच

संतकबीरनगर के खलीलाबाद में 6 जनवरी को अवैध ढंग से रह रहे रोह‍िंग्या अजीजुल हक को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से अजीजुल्लाह के नाम से दो पासपोर्ट, आधारकार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। वह वर्ष 2017 में अवैध ढंग से अपनी मां-बहन और दो भाइयों को भी यहां लेकर आया था। अजीजुल के पांच बैंक खातों की भी जांच चल रही है और एटीएस उसके भाई व बहनोई की तलाश भी कर रही है।

मानव तस्करी के साथ अन्य गतिविधियों की भी हो रही जांच

अब तक पकड़े गए रोह‍िंग्या और बांग्लादेशियों (Bangladeshis) के अब आपसी कनेक्शन की भी परतें खंगाली जा रही हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार के अनुसार-

पहली बार पुलिस ने अवैध घुसपैठ कर आए रोह‍िंग्या और बांग्लादेशियों  (Bangladeshis)के खिलाफ छानबीन और कार्रवाई के कदम बढ़ाए हैं। इस कसरत में अन्य जांच एजेंसियों से भी मदद ली जा रही है। कई जिलों में पड़ताल तेज की गई है। मानव तस्करी के अलावा इनके अन्य मंसूबों और गतिविधियों की भी छानबीन चल रही है।

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