Site icon News Ganj

अब हर छात्र पर योगी सरकार की नजर, ‘अपार प्लस’ से एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हो रही शैक्षणिक जानकारी

Apar Plus

Apar Plus

लखनऊ। अब उत्तर प्रदेश में कोई भी बच्चा पढ़ाई के सिस्टम से बाहर नहीं रहेगा और उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हो रही है। योगी सरकार के ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री, अपार प्लस (Apaar Plus) मिशन के अंतर्गत हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी जा रही है, जिससे उसकी पढ़ाई, उपस्थिति और प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। मतलब साफ है, न तो किसी बच्चे का रिकॉर्ड खोएगा और न ही कोई छात्र व्यवस्था से बाहर रह पाएगा। यह व्यवस्था सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में भी लागू की जा रही है।

63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल

11 अप्रैल से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलने वाले इस मिशन में 4.24 करोड़ छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 2.68 करोड़ से अधिक बच्चों को शामिल कर 63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों में 82 प्रतिशत से अधिक बच्चों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इससे शिक्षा को जमीनी स्तर तक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेज प्रगति दिखाई दे रही है। सबसे बड़े छात्र समूह तक डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य की पूर्ति की ओर बड़ी उपलब्धि है। वहीं सहायता प्राप्त विद्यालयों में 74.84 प्रतिशत, निजी विद्यालयों में 50.54 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों में 46.97 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।

विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित

अपार प्लस (Apaar Plus) व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक छात्र को एक यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जा रही है, जिसके माध्यम से उसकी नामांकन, उपस्थिति, कक्षा प्रगति, परीक्षा परिणाम और उपलब्धियों सहित पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से दर्ज हो जाती है। आधार से लिंक होने के कारण यह आईडी छात्र की पहचान को प्रमाणित करती है और स्कूल परिवर्तन की स्थिति में उसका पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड स्वतः स्थानांतरित हो जाता है, जिससे डेटा की निरंतरता बनी रहती है। इस प्रणाली से ड्रॉपआउट और फर्जी नामांकन की पहचान आसान होती है, वहीं सरकार को रियल-टाइम डेटा के आधार पर प्रभावी मॉनिटरिंग और नीति निर्माण में सहायता मिलती है। परिणामस्वरूप, हर छात्र सिस्टम में दर्ज और ट्रैक हो रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा को डेटा आधारित और ट्रैक योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नीतिगत स्पष्टता और मिशन मोड क्रियान्वयन से रफ्तार

योगी सरकार ने अपार सेचुरेशन के लिए डेटा शुद्धिकरण, आधार सीडिंग, बायोमेट्रिक अपडेट और अभिभावक सहमति जैसी प्रक्रियाओं को एकीकृत कर व्यवस्थित रूप से लागू किया है। हर शनिवार टारगेटेड सेचुरेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर पर सतत समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। मिशन मोड में संचालित यह अभियान प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को गति और जवाबदेही से जोड़ रहा है।

डिजिटल गवर्नेंस से शिक्षा में पारदर्शिता

अपार आईडी (Apaar ID) के माध्यम से प्रत्येक छात्र को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान दी जा रही है, जिससे उसकी शैक्षिक उपलब्धियां, प्रगति और रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ा रही है और छात्रवृत्ति, स्कूल परिवर्तन, उच्च शिक्षा प्रवेश और करियर ट्रैकिंग को भी अधिक व्यवस्थित और सुगम बना रही है।

Exit mobile version