अनिता कुंडू ने नेपाल की ऊंची चोटी पर चढ़ देश का नाम किया रौशन

337 0

लखनऊ डेस्क। कहते हैं जब आप अपनी ख्वाहिश को जी जान से पूरा करने में जुट जाएं तो असफलता खुद बखुद नाकाम हो जाती है। इसी कहावत को सच कर दिखाया हरियाणा की बेटी पर्वतारोही अनिता कुंडू ने। उन्होंने नेपाल की 26,781 फीट ऊंची चोटी माउंट मनासलू को 27 सितंबर की सुबह 3:20 बजे फतह किया।

नेपाल में माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान और हड्डियां गला देने वाले ठंड के बीच चढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन अनिता ने चुनौतियों को पार पाकर शिखर पर तिरंगा फहराकर देश का मान बढ़ाया है।

अनिता ने 3 सितंबर को चढ़ाई शुरू की थी। 17 सितंबर को बेस कैंप में पहुंची। तीन दिन बर्फीले तूफान ने रास्ता रोके रखा। ज्यादा तूफान आने के कारण दूसरे कैंप से वापस बेस कैंप में लौटना पड़ा। फिर 22 सितंबर से 17 हजार फीट पर स्थित कैंप से आगे बढ़ीं और 27 सितंबर की सुबह शिखर छू लिया। अनिता ने सेटेलाइट से अपने परिजनों को यह जानकारी दी।

अनिता ने बताया कि माइनस 40 डिग्री तापमान के कारण ठंड इतनी थी कि हड्डियों को गला दे, मगर उसने हौसला नहीं हारा। ऑक्सीजन की बेहद कमी थी। खाने को कुछ खास हमारे पास होता नहीं, जो कुछ साथ लेकर जाते हैं, उसी में काम चलाना होता है। कम ऑक्सीजन के कारण न हमें नींद आती है और न ही भूख लगती है। बर्फ पर चलना होता है। हर कदम खतरे से भरा होता था। चोटी फतेह करने निकले दल में विश्वभर के 196 पर्वतारोही शामिल थे। इनमें अनिता अकेली भारतीय पर्वतारोही रहीं।

यह भी पढ़ें..जीवन के 90 बसंत पूरे कर चुकीं लता कुछ इस प्रकार बन गयीं स्वर कोकिला

अनिता का यह मिशन 50 दिन का था, लेकिन इसे 22 दिन में पूरा कर लिया। अनिता के सहयोगी रमेश कुमार ने बताया कि अब चोटी से वापस रवाना हो चुके हैं। नीचे आने में 5-7 दिन लग जाएंगे। अनिता के पर्वतारोहण का खर्च एसआईएस कंपनी उठा रही है, जिसके मालिक राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा हैं।

यह भी पढ़ें..अमेरिका की इस महिला प्रोफेसर ने अपनी छात्र को सुविधा देने के लिए किया ऐसा काम कि…

Loading...
loading...

Related Post

नागरिकता कानून

बॉलीवुड की कुछ हस्तियों ने जामिया के छात्रों का किया समर्थन तो कुछ ने किया विरोध

Posted by - December 16, 2019 0
एंटरटेनमेंट डेस्क। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में चारों तरफ विरोध का जमकर प्रदर्शन देखने को मिल रहा हैं।…