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उत्तराखंड में भूजल रिचार्ज पर बनेगी नई नीति, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

Anand Bardhan

Anand Bardhan

देहरादून। उत्तराखंड में भूजल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवीकरण को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन (Anand Bardhan) ने स्प्रिंग एंड रिवर रेज्युविनेशन अथॉरिटी (SARRA) की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में भूजल रिचार्ज को प्रभावी बनाने के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए।

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सारा (SARRA) गैर-सरकारी संस्थाओं और आवासीय सोसाइटियों में वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भूजल रिचार्ज नीति तैयार करे, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने राज्य के पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व वाले धारे-नौलों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन पर भी विशेष जोर दिया। इसके लिए सभी जिलों को जीर्णोद्धार से संबंधित प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में नदियों के पुनर्जीवीकरण का कार्य लगातार जारी है। इस दिशा में एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जल्द तैयार की जाए, ताकि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन तय मानकों के अनुरूप हो सके। उन्होंने ‘एक जनपद-एक नदी’ परियोजना के तहत प्राप्त प्रस्तावों पर शीघ्र कार्य शुरू करने तथा बड़े प्रोजेक्ट्स को विभिन्न विभागों के समन्वय (कन्वर्जेंस) से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान सारा के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 86 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें उत्तरकाशी, नैनीताल और टिहरी जनपदों की 16 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, रणवीर सिंह चौहान, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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