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अभ्युदय योजना से मिली उड़ान, यूपीएससी-2025 में 6 अभ्यर्थियों का चयन

Abhyudaya Yojana gives wings, 6 candidates selected in UPSC-2025

Abhyudaya Yojana gives wings, 6 candidates selected in UPSC-2025

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में चलाई जा रही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना (Abhyudaya Yojana) एक बार फिर अपने प्रभावशाली परिणामों के साथ सामने आई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित आवासीय कोचिंग और मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम से जुड़े 6 अभ्यर्थियों का चयन सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी-2025) में हुआ है। योगी सरकार की इस पहल के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता के लिए मजबूत आधार मिल रहा है। इससे न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में उत्तर प्रदेश की भागीदारी भी लगातार मजबूत हो रही है।

चयनितों को दी मंत्री असीम अरुण ने बधाई

इन सभी चयनित अभ्यर्थियों को समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को भी सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

अभ्यर्थियों का शानदार प्रदर्शन

समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, भागीदारी भवन में संचालित आवासीय कोचिंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विमल कुमार को 107वीं और विपिन देव यादव को 316वीं रैंक प्राप्त हुई है। वहीं, भागीदारी भवन आवासीय कोचिंग एवं अभ्युदय योजना के अंतर्गत आयोजित मॉक इंटरव्यू में शामिल मानसी को 444वीं, महेश जायसवाल को 590वीं, अदिति सिंह को 859वीं और तनीषा सिंह को 930वीं रैंक हासिल हुई है।

विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

समाज कल्याण विभाग द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भागीदारी भवन में आवासीय कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। यहां सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारी अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

इन अभ्यर्थियों को आवासीय कोचिंग के दौरान निशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

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