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राम की नगरी में आने वाले भक्तों का स्वागत करेगा लक्ष्मण द्वार

Laxman Dwar

Laxman Dwar

अयोध्या। राम की नगरी अब भक्तों के लिए और अधिक आकर्षक व स्वागतमय बन रही है। राम मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करने के लिए एनएच-330ए (अयोध्या-गोण्डा मार्ग) पर एक शानदार लक्ष्मण द्वार (Laxman Dwar) का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह प्रवेश द्वार अयोध्या की धार्मिक गरिमा को और निखारने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह भव्य लक्ष्मण द्वार (Laxman Dwar) देईपुर/कटरा भागचंद्र अहतमाली क्षेत्र में 40 मीटर चौड़े मार्ग पर बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल निर्माण लागत 3,970.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। द्वार (Laxman Dwar) को पिंक सॉलिड स्टोन से सजाया जाएगा, जो इसे राजसी एवं आकर्षक बनाएगा। पिंक स्टोन का उपयोग न केवल सौंदर्य बढ़ाएगा, बल्कि यह स्थानीय शिल्प कौशल को भी प्रदर्शित करेगा और अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला से प्रेरित होगा। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव ने बताया कि वर्तमान में परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अक्टूबर तक पूरा लक्ष्मण द्वार तैयार हो जाएगा।

भव्य और यादगार पड़ाव साबित होगा-

लक्ष्मण द्वार (Laxman Dwar) के बनने से यह मार्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक भी बन जाएगा। रामायण काल में लक्ष्मण जी के भाई राम के प्रति समर्पण की याद दिलाता यह द्वार भक्तों के मन में श्रद्धा एवं उत्साह का संचार करेगा। अयोध्या विकास की इस नई परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का धार्मिक पर्यटन नक्शा और चमकदार हो रहा है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में धार्मिक स्थलों का विकास एवं पर्यटन संवर्धन प्रमुख स्थान रखता है। अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद यहां पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लक्ष्मण द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक और कदम है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्थानीय व्यापारियों, होटलों, परिवहन सेवाओं और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एनएच-330ए पर यह लक्ष्मण द्वार (Laxman Dwar) अयोध्या-गोण्डा मार्ग की गरिमा को कई गुना बढ़ा देगा।

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